पीड़ित मनोज कुमार का आरोप है कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनकी भैंसों के चारे में जहर मिलाया गया है। इस घटना की सूचना तुरंत पशु चिकित्सक को दे दी गई, मृत पशुओं का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पीड़ित ने थाने में तहरीर देकर धारा 325 और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
घटना के वक्त मरी भैंसें और संदिग्ध चारा मौके पर ही मौजूद था। मौके पर पहुंचे पशु चिकित्सक संजीव कुमार व टीम ने सभी भैंसों का इलाज किया था, लेकिन वह 5 भैंसों को नहीं बचा सके। अभी 10 पशुओं का इलाज शुक्रवार शाम तक किया जाएगा। एसीपी वेव सिटी प्रियाश्री पाल ने बताया कि पीड़ित किसान मनोज की शिकायत के आधार पर अज्ञात के खिलाफ बीएनएस की धारा 325 में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है, भैंसों का मेडिकल परीक्षण कराकर सैंपल लैब को भेज दिये गए हैं, जांच-पड़ताल की जा रही है, जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।