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Ghaziabad News: लोकपाल अधिकारी बताकर पॉलिसी धारकों को ठगने वाले पांच पकड़े

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गाजियाबाद। बीमा पॉलिसी परिपक्वता की धनराशि बिटक्वाइन में निवेश कर मोटा मुनाफा देने के नाम पर लाेगों से ठगी करने वाले गिरोह का साइबर क्राइम थाना पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह के पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से तीन मामलों में 44 लाख रुपये की ठगी का पता चला है। इनमें से गाजियाबाद निवासी पीड़ित से बीते दिनों ही 34 लाख रुपये की ठगी की गई थी। पकड़े गए तीन युवक नोएडा के बीमा क्षेत्र से जुड़े कॉल सेंटर में काम करते थे। कॉल सेंटर की नौकरी छोड़ खुद की ठग कंपनी शुरू कर दी। दो आरोपियों ने 20 प्रतिशत कमीशन पर अपने बैंक खाते ठगों को किराये पर दिए थे।
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डीसीपी सिटी धवल जायसवाल और एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने प्रेसवार्ता में बताया कि गिरोह के सरगना रवि प्रताप के अनुसार वर्ष 2020 में वह नोएडा स्थित प्राइम फोलियो कंपनी में नौकरी करता था। यह रिलांयस, भारती हेक्सा, सिगना टीटीके, एचडीएफसी और बजाज की जीवन बीमा और हेल्थ पॉलिसी का अधिकृत सेवा केंद्र है। इसी कंपनी में उनका भाई विकास कुमार और साथी संकेत त्यागी भी काम करते थे। संकेत त्यागी ने प्राइम फोलियो कंपनी से बीमा पॉलिसी धारकों का डाटा चोरी किया और तीनों ने नौकरी छोड़ दी। इंदिरापुरम स्थित अपने मकान में अनिल और विकास ने कॉल सेंटर का संचालन शुरू किया और पॉलिसी धारकों को कॉल कर अधिक लाभ लेने और बगैर कटौती शतप्रतिशत धनराशि उनके खातों में ट्रांसफर करने का झांसा देकर लोगों से साइबर ठगी करने लगे। पकड़े गए अनुज कुमार और गुंजन इन्हें फर्जी आईडी पर सिम और बैंक खाते मुहैया कराते थे। इनसे पांच मोबाइल, एक लैंडलाइन डिवाइस, दो चेकबुक, एक एटीएम कार्ड, लग्जरी कार और साइबर ठगी के 1.83 लाख रुपये बरामद किए हैं।
तीन राज्यों की साइबर ठगी का खुलासा

पकड़े गए पांचों आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने इंदिरापुरम निवासी महीपाल बिष्ट को झांसा दिया कि उनकी परिपक्व पॉलिसी की धनराशि से भारती एक्सा लि. ने एक हजार बिटक्वाइन खरीद लिए हैं। इनकी कीमत अब बाजार में तीन करोड़ रुपये है, तीन करोड़ रुपये महीपाल बिष्ट के खाते में ट्रांसफर करने का झांसा देकर इसी गिरोह ने आवेदन फीस, जीएसटी, सेवी क्लीरेंस, इनकम टैक्स, आरबीआई क्लीयरेंस के नाम पर 33 लाख 67 हजार 250 रुपये ट्रांसफर करा लिए। ऐसे ही तेलंगाना राज्य के हैदराबाद निवासी नरसिम्हा के साथ घर बैठे ऑनलाइन टास्क के नाम पर आठ लाख रुपये और तमिलनाडु के नीलगिरी निवासी वी सर्वनन के साथ होटल बुकिंग के नाम पर 35 हजार रुपये की साइबर ठगी की थी।
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ये हैं पकड़े गए आरोपियों के नाम और पते

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम रवि प्रताप (38) और उसका भाई नवीन प्रताप (30) निवासी बनामई हैवरा थाना बैधपुरा जनपद इटावा हाल निवासी साईं एन्क्लेव नीति खंड 52 इंदिरापुरम गाजियाबाद, विकास कुमार निवासी नगलिया जट थाना रजबपुर जनपद अमरोहा हाल निवासी इंदिरापुरम गाजियाबाद, अनुज कुमार (23) निवासी औरेखी माधोगढ़ थाना कोतवाली व जनपद जालौन और गुंजन कुमार (38) निवासी ग्वाली बाइपास पचौरा साई काली रोड थाना सिविल लाइन जनपद इटावा बताए।
पीड़ित महीपाल ने गिरोह की खोली पोल

इंदिरापुरम निवासी महीपाल बिष्ट ने अपनी पत्नी शांति देवी की एक पॉलिसी करा रखी थी। पॉलिसी परिपक्व होने पर कंपनी ने उन्हें पांच की बजाए चार लाख 31 हजार 145 रुपये भेजे। इसकी शिकायत उन्होंने भारती एक्सा लि. बीमा कंपनी में करनी चाही और गूगल पर सर्च करने के दौरान संबंधित कंपनी की बजाए साइबर ठगों को कॉल कर दिया। इसी गिरोह ने अपने नाम बदलकर सूर्या कुमार महाजन, अभय तोमर और प्रियांशा आदि बताए। पॉलिसी की धनराशि के तीन करोड़ रुपये ट्रांसफर करने का झांसा देकर करीब 34 लाख रुपये ठग लिए। महीपाल ने साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद महीपाल ने साइबर ठगों को कॉल की और बताया कि उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है, जल्द ही पुलिस के समक्ष मुलाकात होगी। महीपाल की इस कॉल के बाद साइबर ठगों ने मोबाइल नंबर बदल दिए। हालांकि जब तक साइबर थाना पुलिस ने सभी को ट्रेस कर लिया था।
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