गाजियाबाद। लोनी में हत्या के एक मामले में चश्मदीद आसिफ की हत्या करने पर मुस्तकीम उर्फ टिल्लू, अफाक, राशिद उर्फ डोगरा, वरिशा, वाहबू, उर्फ बाबूदीन को दोषी करार दिया है, जबकि एक अन्य आरोपी राशिद उर्फ गोलू दिल्ली की जेल में बंद है। अदालत ने उसके मुकदमे की फाइल अलग कर दी है। जिला जज जितेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत में मंगलवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई होगी।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश चंद्र शर्मा और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता कुलदीप सिंह ने बताया कि लोनी में निवासी आसिफ उर्फ सोनू अपनी बहन सीरी मलिक के साथ 10 सितंबर 2020 को प्रेम नगर में मकान बनवाने के लिए ठेकेदार से मिलने के लिए गया था। वहां पर पहले से ही खड़े अफाक, मुस्तकीम उर्फ टिल्लू, राशिद उर्फ डोगरा, वरीशा, वाहबू उर्फ बाबू दीन ने आसिफ उर्फ सोनू को हत्या के एक मामले में गवाही न देने का दबाव बनाया, लेकिन आसिफ ने उन लोगों की बात मानने से इंकार कर दिया। इस पर झल्लाए आरोपियों ने आसिफ पर गोली चला दी। गोली की आवाज सुनकर लोग एकत्र हो गए। लोगों को देख हमलावर मौके से फरार हो गए। आसिफ को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक की बहन सीरी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए मुस्तकीम उर्फ टिल्लू, अफाक, राशिद उर्फ डोगरा, वरिशा, वाहबू, उर्फ बाबूदीन, और राशिद उर्फ गोलू को नामजद कराया। राशिद उर्फ गोलू घटना के समय दिल्ली स्थित मंडोली जेल में बंद था। राशिद पर हत्याकांड को अंजाम देने की साजिश रचने का आरोप है। उसका ट्रायल अदालत में विचाराधीन है।