साहिबाबाद। भाेपुरा में सिलिंडरों के फटने से लगी आग की सूचना दमकल विभाग को शनिवार सुबह 4ः35 बजे मिली। वहीं, दस मिनट बाद मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल अपने 40 जवानों के साथ मौके पर पहुंच गए। इस दौरान आग ने भीषण रूप ले लिया। लगातार सिलिंडर में हो रहे विस्फोट और उनके टुकड़े हवा में उड़ने लगे जिसकी वजह से दमकल कर्मी घटनास्थल से करीब 150 मीटर पीछे ही रुक गए।
हवा में सिलिंडर के उड़ते टुकड़ों के बीच दमकल की गाड़ियों को ले जाना या जवानों को भेजना खतरनाक था। ऐसे में सीएफओ राहुल पाल सबसे आगे खड़े वाटर बाउजर में खुद सवार हुए और गाड़ी को करीब 100 मीटर आगे तक लेकर पहुंचे। उनकी अगुवाई देख बाकी दमकल कर्मी भी वाहनों से आगे बढ़े। दमकल वाहन साहिबाबाद से लोनी की तरफ जाने वाले मार्ग पर खड़े थे। वहीं, जिस ट्रक में आग लगी वह दमकल वाहनों के विपरीत मार्ग पर खड़ा धधक रहा था। अपने मार्ग पर ट्रक के ठीक सामने पहुंचने पर सीएफओ ने अपने तीन जवानों के साथ हौज पाइप लगवाकर उतरे और डिवाइडर की आड़ में बैठकर जवानों ने करीब 100 फुट की दूरी से ट्रक पर पानी की बौछार शुरू की। धीरे-धीरे धमाकों की आवाज कम होने और आग बुझती देख दमकल टीमें आगे बढ़ीं और ट्रक व उसके बाद फर्नीचर गोदाम, दुकान व मकान के पास पहुंचे।
चोटिल होने के बाद भी आग बुझाने का काम जारी रखा
आग बुझाने के लिए दमकल कर्मी राजेश कुमार ट्रक के पास स्थित चालक के मकान की छत पर चढ़े। वहां खड़े होकर वह फर्नीचर गोदाम में धधक रही आग को बुझाने की कोशिश कर रहे थे। तभी आग की गरमाहट और सिलिंडर के धमाकों की वजह से मकान की छत नीचे गिर गई। छत के साथ-साथ वह भी नीचे जा गिरे और चोटिल हो गए। इसके बाद भी उन्होंने हौज पाइप नहीं छोड़ा और आग बुझाने की अपनी कोशिश जारी रखी।
कुंभ ड्यूटी के चलते सीमित ही रहे दमकल कर्मी
गाजियबाद दमकल विभाग के पास पहले ही दमकल कर्मियों की कमी है। वर्तमान में कुंभ ड्यूटी के चलते करीब 35-40 दमकल कर्मी मेला ड्यूटी में पहुंचे हुए हैं। वहीं, दमकल की करीब छह गाड़ियां भी कुंभ मेला में भेजी गईं हैं। इसके बावजूद 40 दमकल जवानों ने स्थिति को संभालते हुए हादसे को बढ़ने से भी रोका और पूरी तरह आग पर काबू भी पाया।
सबसे आगे यह रहे
एफएसओ गगन कुमार, चालक गंभीर सिंह, फायर मैन प्रहलाद सिंह, सौरभ राणा, अमित कुमार, अरुण कुमार, आयुष्मान, अनिल, गौरव तोमर और मुकेश।
इनसेट
खड़े या चलते ट्रक में लगी आग, उलझन
पूरे हादसे में एक बात ने पुलिस-प्रशासन को उलझा दिया है। स्थानीय लोग और प्रत्यक्षदर्शियों ने बातचीत के दौरान बताया कि एलपीजी सिलिंडर से भरा ट्रक पहले से खड़ा हुआ था। ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही थी। अचानक स्पार्किंग हुई और नीचे खड़े ट्रक में आग लगनी शुरू हो गई।
वहीं, अधिकारियों का कहना है कि पीआरवी से जो सूचना मिली थी उसके अनुसार ट्रक चल रहा था। जब और जानकारी की गई तब पता चला कि ट्रक खड़ा था लेकिन आग की सूचना पर जब पीआरवी पहुंची तो उसने चालक से ट्रक को पेट्रोल पंप से जल्द हटाने को कहा। इस पर चालक ट्रक को आगे बढ़ा रहा था, लेकिन कुछ ही दूरी पर पहुंचते ही ट्रक की आग बढ़ गई ज्यादा बढ़ी तो उसने ट्रक छोड़ दिया। धमाकों की वजह से ट्रक बीच सड़क से करीब 15-20 फुट फर्नीचर गोदाम की तरफ को हट गया था।
हादसे की हो सकती हैं यह वजह
- ट्रक में रखा किसी सिलिंडर में लीकेज होना। साथ ही ऊपर से जा रही विद्युत लाइन में स्पार्किंग होने के बाद चिंगारी के ट्रक में गिरने पर आग लगना।
- चलते ट्रक में गैस की लीकेज होना। सिलिंडरों के आपस में टकराने पर या ट्रक की बॉडी से रगड़ने पर घर्षणबल से चिंगारी निकलना और आग लगना।
वर्जन
हादसा खड़े ट्रक में हुआ या चलते यह अभी स्पष्ट नहीं है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। ट्रक की मूवमेंट को ट्रेस करने के लिए संबंधित पेट्रोलियम कंपनी से जीपीएस लोकेशन मांगी गई है। विस्तृत जांच के बाद ही स्थिति और कारण पुष्ट हो पाएंगे। राहुल पाल, मुख्य अग्निशमन अधिकारी गाजियाबाद।