गाजियाबाद। सिद्धार्थ विहार स्थित गंगा यमुना हिंडन अपार्टमेंट के एक फ्लैट में रविवार देर रात डेढ़ बजे एयर कंडीशनर में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। जिस दूसरे फ्लोर के मकान में आग लगी, उस फ्लोर पर न अलार्म बोला, न अग्निशमन उपकरण मिले और न ही स्प्रिंकलर पाइप से पानी निकला। सूचना मिलते ही मेंटीनेंस टीम ने सूझबूझ से आग पर काबू पाया।
आरडब्ल्यूए अध्यक्ष एएन त्रिपाठी का कहना है कि उनकी सोसायटी का अभी आधा-अधूरा हैंडओवर हुआ है। फायर सिस्टम पूरा आवास विकास परिषद के पास है। यहां 12 टावर हैं जिसमें कुल 240 फ्लोर हैं। हर फ्लोर पर सिलिंडर नहीं लगा है। फ्लोर्स के अतिरिक्त बेसमेंट एवं अन्य कॉमन एरिया सहित कम से कम 300 सिलिंडर की आवश्यकता है लेकिन केवल 85 सिलिंडर ही लगे हैं। जैसे ही रात डेढ़ बजे आग की सूचना मिली, मेंटीनेंस सहित सभी दौड़े लेकिन न वहां सिलिंडर मिला, न पाइप चलता मिला और न ही अलार्म ठीक मिला। मेंटीनेंस टीम तत्काल दूसरे फ्लोर से सिलिंडर लाई और आग पर काबू पा लिया। गनीमत यह रही कि जिस घर में आग लगी, वहां की बुजुर्ग महिला उठ गईं। शोर मचाते ही सब मौके पर पहुंचे। फ्लोर पर सिलिंडर न होने से आग से काफी सामान जल गया।
मीडिया प्रभारी कैलाश चंद्र शर्मा का कहना है कि यहां अधिकांश फायर और इलेक्ट्रिक शॉफ्ट खराब हैं। सबके दरवाजे टूटे पड़े हैं। कुछ के गायब हैं। ऐसी स्थिति में अग्निशमन विभाग एनओसी देने को तैयार नहीं और हम भी ऐसी स्थिति में हैंडओवर लेने को तैयार नहीं। इस संबंध में प्रमुख आवास सचिव उत्तर प्रदेश पी गुरु प्रसाद को पत्र लिख शॉफ्ट के दरवाजे ठीक कराने, 225 शेष फायर सिलिंडर रखवाने, अलार्म दुरुस्त कराने सहित स्प्रिंकलर पाइप की जांच कर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने की मांग की है।