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Ghaziabad News: पटाखा फैक्टरी विस्फोट में पांचवीं मौत

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लोनी। रूपनगर में अवैध पटाखा फैक्टरी में 24 सितंबर को हुए विस्फोट में घायल गीता (27) ने उपचार के दौरान बृहस्पतिवार को दम तोड़ दिया। इस घटना में यह पांचवीं मौत है। दिल्ली के करावल निवासी गीता के पति सोनू की दो साल पहले हादसे में मौत हो चुकी है। पिता का साया उठने के बाद बच्चों हनी और हिमांशु के सिर से अब मां का आंचल भी छिन गया। विस्फोट में घायल शाइस्ता और नूरी की हालत गंभीर बनी है।
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विस्फोट में शाइस्ता की दो बेटियों अलीना और अलीशा की मौके पर मौत हो गई थी। किशोर इमरान (17) ने अस्पताल में दम तोड़ा था। बुधवार को मेहविश ने उपचार के बाद दम तोड़ दिया था। विस्फोट के वक्त फैक्टरी में मेहविश, इमरान, फरदीन, अलीशा, अलीना, गीता, नूरी और शाइस्ता मौजूद थे।
मजदूरों को सिर्फ छह हजार रुपये प्रति माह की पगार पर रखा गया था। इतनी सी रकम के लिए लोग अपनी जान जोखिम में डालकर काम कर रहे थे। इनमें बच्चे भी शामिल थे। दो दिन पहले नंदग्राम में पटाखा फैक्टरी पकड़े जाने पर भी यही जानकारी सामने आई है। लोग बारूद के ढेर पर सिर्फ छह-सात हजार रुपये महीना पर काम कर रहे हैं।
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एसीपी रजनीश कुमार उपाध्याय ने बताया कि मामले में गीता की मौत हो गई है। दो घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। घायल फरदीन को उपचार के बाद छुट्टी मिल गई थी।



ऑर्डर पर बन रहे थे पटाखे

पुलिस की जांच में आया है कि फैक्टरी में पटाखे ऑर्डर पर बनाए जा रहे थे। यह आर्डर फर्रूखनगर निवासी विकास नाम के कारोबारी ने दिया था। विकास ही विस्फोटक पदार्थ उपलब्ध कराता था। फैक्टरी को बागपत के रमाला के लूंब गांव का निवासी शारिक चला रहा था। पुलिस ने इस मामले में गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया था। विकास और शारिक जेल जा चुके हैं।
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