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बुखार की नकली दवा की सप्लाई करने वाली कंपनी का लाइसेंस होगा रद्द

Sun, 08 May 2016 12:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
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दवाई - फोटो : अमर उजाला
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ड्रग डिपार्टमेंट ने बुखार की नकली दवा बनाने वाली कंपनी का लाइसेंस रद्द करने और कंपनी मालिक कार्रवाई की मांग की है। स्टेट और सेंट्रल लैब से कविनगर औद्योगिक क्षेत्र की दवा कंपनी से लिए गए बुखार की दवा क्लोरोमफेनिकाल के सभी 10 सैंपल नकली पाए गए हैं।
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अफसरों ने सीजेएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया है। ड्रग अफसरों ने कंपनी से लाखों रुपये मूल्य की नकली दवा बरामद की थीं। कंपनी के दवा निर्माण पर रोक लगा दी गई है। डेंगू और मलेरिया के दौर में कंपनी प्रबंधन ने देशभर में नकली दवा की सप्लाई की थी।

कविनगर औद्योगिक क्षेत्र स्थित दवा फैक्ट्री से शिकायत मिलने पर पिछले दिनों ड्रग इंस्पेक्टर राजेश श्रीवास्तव और विवेक सिंह ने छापामारी कर बुखार की दवा क्लोरमफेनिकॉल के सैंपल लिए थे। अफसरों को शिकायतें मिलीं थीं कि उक्त कंपनी की क्लोरोमफेनिकाल दवा काम नहीं कर रही है।
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उक्त सैंपल को स्टेट लैब में भेजा गया था, जहां उनको नकली बताया गया था। इसके बाद दोबारा से छापामारी कर अन्य 10 सैंपल लेकर तत्काल प्रभाव से दवाएं बनाने पर रोक लगा दी गई थी। फैक्ट्री से लाखों रुपये की घटिया दवाएं भी जब्त की गई थीं।

राजकीय विश्लेषक ने नमूने फेल पाए जाने पर कंपनी प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी गया था। दवाओं को दोबारा जांच के लिए सेंट्रल लैब कोलकाता भेजा गया था। वहां भी 10 में से सात दवाओं के सैंपल आप्टीकल रुटेशन टेस्ट में फेल मिले हैं।

ड्रग इंस्पेक्टर राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि दोषी फर्म और व्यक्तियों पर ड्रग एक्ट की धाराओं के तहत सीजेएम कोर्ट में वाद दायर कर फैक्ट्री के निर्माण लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की गई है।
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