गाजियाबाद। पब्लिक स्कूलों में फीस के मामले में प्रशासन और शासन कोई नीति नहीं बना सके हैं। इसका खामियाजा अभिभावकों को भुगतना होगा। अभिभावकों की मुश्किल अब बढ़ने वाली है। गर्मी की छुट्टियां खत्म होने वाली हैं और स्कूलों की ओर से फीस जमा करने का दबाव बढ़ता जा रहा है।
फीस के मुद्दे पर स्कूल प्रशासन और अभिभावक आमने-सामने हैं। अभी तक छुट्टियों की वजह से मामला शांत था। अब स्कूलों के खुलने का दिन नजदीक आने के साथ ही स्कूल प्रबंधन की ओर से अभिभावकों को एसएमएस भेजे जाने लगे हैं।
एसएमएस के जरिए फीस बकाया फीस को जमा कराने का रिमाइंडर भेजा जा रहा है। अभिभावकों को डर सता रहा है कि अगर फीस जमा नहीं की गई तो उनके बच्चों को स्कूल खुलने पर लौटा दिया जाएगा। हालांकि इस मामले में अभिभावक संगठनों ने भी अपनी तैयारी तेज कर दी है।
शहर में स्कूलों के खिलाफ बैनर पोस्टर लगाकर चंदा एकत्र किया जा रहा है, जिससे इस लड़ाई को हाईकोर्ट तक ले जाया जा सके। इसके साथ ही शनिवार को आगे की रणनीति तैयार करने को अभिभावकों की बैठक भी बुलाई है।
दरअसल, साहिबाबाद के एक स्कूल ने फीस जमा नहीं करने पर 40 बच्चों के नाम काट दिए हैं, इससे अभिभावकों में भय का माहौल है। अभिभावक सीमा त्यागी ने बताया कि शनिवार की बैठक में आगे का रणनीति तैयार करेंगे। स्कूल प्रबंधन अगर बच्चों का नाम काटेंगे तो अभिभावक आंदोलन करेंगे।
अभी तक सिर्फ कमेटी ही बनी है
गाजियाबाद। प्रदेश की योगी सरकार और गाजियाबाद प्रशासन की ओर से फीस वृद्धि पर सिर्फ कमेटियां ही बनाई गईं। इस मुद्दे का ठोस हल नहीं निकाला गया, जबकि समस्या का हल निकालने के लिए पर्याप्त समय था। शासन और प्रशासन की ओर से सहयोग नहीं मिलने की वजह से अभिभावकों में रोष हैं।