गाजियाबाद। साहिबाबाद क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो कोर्ट तृतीय ने दोषी पिता को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। विशेष न्यायाधीश की अदालत ने शनिवार को यह फैसला सुनाया।
अदालत से मिली जानकारी के अनुसार, किशोरी की मां ने 19 फरवरी 2024 को साहिबाबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि वह पति और बच्चों के साथ किराये के मकान में रहती थी। साथ ही साफ-सफाई का काम करती थी।
शिकायत के अनुसार, घटना वाले दिन वह रोज की तरह काम पर चली गई थी और बच्चों को घर पर छोड़ दिया था। काम से लौटने पर नाबालिग बेटी ने मां को बताया कि पिता ने उसके साथ गलत हरकत की है। मां ने इसकी जानकारी अपने पिता और परिजनों को दी। इसी बीच पिता घर से भाग गया। आसपास के लोगों की मदद से उसकी तलाश की गई, लेकिन वह नहीं मिला।
इसके बाद किशोरी की मां ने थाने पहुंचकर पति के खिलाफ शिकायत की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने आवश्यक साक्ष्य जुटाकर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
मामले की सुनवाई पॉक्सो कोर्ट तृतीय के विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार-6 की अदालत में हुई। अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों, चिकित्सकीय रिपोर्ट और गवाहों के बयान के आधार पर पिता को दोषी करार दिया।
दहेज हत्या में पति को 8 साल की सजा : लोनी थाना क्षेत्र में दहेज की मांग को लेकर विवाहिता की हत्या के 12 साल पुराने मामले में अदालत ने पति को दोषी करार देते हुए आठ वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। वहीं, साक्ष्य के अभाव में सास समेत अन्य आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया। अदालत से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली निवासी उषा का विवाह 12 दिसंबर 2008 को लोनी थाना क्षेत्र के गनोली गांव निवासी सतपाल के साथ हुआ था। आरोप था कि शादी के बाद से ही उषा पर मोटरसाइकिल और सोने की चेन लाने का दबाव बनाया जाता था।
दहेज की मांग पूरी न होने पर उसे लगातार प्रताड़ित किया जाता था। मामले के अनुसार 25 दिसंबर 2013 को उषा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उस समय वह सात माह की गर्भवती थीं।
घटना के बाद ऊषा की मां लक्ष्मी देवी ने लोनी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बेटी के पति सतपाल, सास शांति देवी, दो जेठों और एक अन्य पर दहेज उत्पीड़न और हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।