बरेली-दिल्ली पैसेंजर ट्रेन से दिल्ली जा रहे करीब 200 किसानों ने डासना रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के 45 मिनट तक खड़े रहने पर हापुड़ की ओर से आ रही रानीखेत एक्सप्रेस को रोक दिया। करीब दो घंटे तक किसान ट्रैक पर बैठे रहे। सूचना पर आरपीएफ और आसपास के थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। घटना बुधवार रात 1:15 बजे की है। आरपीएफ ने 200 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, डासना रेलवे स्टेशन पर बुधवार रात बरेली-दिल्ली पैसेंजर ट्रेन सिग्नल नहीं मिलने पर रुक गई। इस ट्रेन में लगभग 200 किसान दिल्ली रामलीला मैदान में बृहस्पतिवार को भारतीय किसान यूनियन की महापंचायत में भाग लेने जा रहे थे। करीब एक घंटे 45 मिनट तक ट्रेन रुकी रही तो किसानों ने वहां से गुजरने वाली रानीखेत एक्सप्रेस ट्रेन को 3:03 मिनट पर रोक दिया। ट्रेन रुकने के बाद पुलिस ने आलाधिकारियों को सूचना दी। मौके पर पहुंची अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कल्पना सक्सेना, डीसीपी विवेक कुमार, एसीपी नरेश कुमार व सलोनी अग्रवाल, थाना मसूरी प्रभारी नरेश कुमार शर्मा, वेव सिटी थाना प्रभारी अंकित सिंह, थाना मुरादनगर व थाना क्राॅसिंग का पुलिस बल मौके पर पहुंच गया।
पुलिस अधिकारियों ने किसानों को समझाने का प्रयास किया। किसानों का कहना था कि उनके पास पंचायत में जाने की अनुमति है फिर भी उन्हें रोक दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने उच्च अधिकारियों से वार्ता की तब जाकर दिल्ली बरेली पैसेंजर ट्रेन को सुबह 5:15 बजे रवाना किया गया। इसके बाद करीब 5:28 बजे रानी खेत एक्सप्रेस को रवाना किया जा सका। डासना रेलवे पुलिस चौकी प्रभारी कुलदीप कुमार ने 200 किसान व यात्रियों के खिलाफ रेलवे ट्रैक बाधित कर रेल रोककर यातायात प्रभावित करने का मुकदमा दर्ज कराया है। हापुड़ के आरपीएफ इंस्पेक्टर सुभाष यादव ने बताया कि वीडियो के माध्यम से ट्रेन रोकने वालों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।