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पंचायत कर किसान बोले, मधुबन बापूधाम में नहीं करने देंगे निर्माण कार्य

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मांगों को लेकर पंचायत के बाहर धरना प्रदर्शन करते किसान - फोटो : AMAR UJALA
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सबहेड- मधुबन बापूधाम योजना में एक समान बढ़े मुआवजे को लेकर किसानों का धरना-प्रदर्शन जारी, हुई पंचायत - किसान बोले, मांगे माने तक जारी रहेगा आंदोलन माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। मधुबन बापूधाम योजना में एक समान बढ़े मुआवजे की मांग को लेकर 6 गांव के किसानों का धरना प्रदर्शन रविवार को भी जारी रहा। रविवार को हुए धरना-प्रदर्शन से पहले किसानों ने एक पंचायत की। पंचायत में सभी किसानों ने जीडीए की ओर से बढ़ी दर से मुआवजा देने तक प्राधिकरण को योजना में कोई भी काम नहीं करने देने की बात कही। पंचायत में किसानों ने प्राधिकरण अधिकारियों पर समझौते का उल्लंघन करने और उन्हें धोखा देने का आरोप लगाया। मधुबन बापूधाम योजना की 800 एकड़ जमीन का मुआवजा ले चुके छह गांव के करीब 1500 किसान अब नए दर से मुआवजा की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। मांगों को लेकर छह गांव के किसान मधुबन बापूधाम और सदरपुर से सटे प्राथमिक विद्यालय में करीब छह दिन से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। रविवार को धरना स्थल पर सदरपुर, मैनापुर, नंगलापाट, याकूबपुर, मोरटा और दुहाई के किसानों ने पंचायत की। पंचायत में किसानों ने प्राधिकरण के अधिकारियों पर 2007 में हुए समझौते को नहीं मानने का आरोप लगाया। भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष राजवीर सिंह ने कहा कि प्राधिकरण किसानों की मांगों को सुनने को तैयार नहीं है। जब तक सभी किसानों को बढ़ी दर से मुआवजा नहीं देता है। तब तक किसान यहां निर्माण कार्य नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि जब प्राधिकरण ने 281 एकड़ जमीन के करीब 76 किसानों को नए अधिग्रहण कानून के तहत मुआवजा दिया है तो अन्य किसानों को भी उसी दर से मुआवजा मिलना चाहिए। कहा कि किसानों और जीडीए के बीच हुए समझौते के तहत यह तय हुआ था कि अधिसूचना के तहत अधिग्रहित की गई भूमि का भविष्य में सहमति के आधार पर यदि उपरोक्त निर्धारण प्रतिकर से अधिक प्रतिकर सक्षम अधिकारी द्वारा निर्धारित होता है तो बढ़े हुए प्रतिकार का लाभ इस करार में सम्मिलित भू-स्वामियों को भी देय होगा। लेकिन अब प्राधिकरण इस समझौते की अनदेखी कर रहा है। ------
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