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गाजीपुर बॉर्डर पर किसान ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में सरकार को बताया जिम्मेदार

Sat, 02 Jan 2021 02:27 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
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गाजीपुर बॉर्डर पर शनिवार को एक किसान ने की आत्महत्या - फोटो : अमर उजाला
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गाजीपुर बॉर्डर पर कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन के 38वें दिन शनिवार को फ्लाईओवर के नीचे शौचालय में एक बुजुर्ग किसान ने आत्महत्या कर ली। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से उतारा गया। इस घटना की खबर फैलते ही पूरे प्रदर्शनस्थल पर शोक की लहर दौड़ गई। इससे भी बड़ी बात इस आत्महत्या के पीछे की वजह है जो मृतक किसान ने अपने सुसाइड नोट में बताई है।

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मृतक किसान की पहचान कश्मीर सिंह (75) निवासी बिलासपुर, रामपुर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। मृतक किसान के पास से एक सुसाइड नोट मिला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। हालांकि किसान के शव को बिना पोस्टमार्टम के ही उसके गांव ले जाया गया, जहां उसका अंतिम संस्कार होगा।

सुसाइड नोट में सरकार को बताया जिम्मेदार
किसान कश्मीर सिंह ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि मेरा अंतिम संस्कार मेरे बच्चे-पोते के हाथों यहीं दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर होना चाहिए। कश्मीर सिंह ने अपनी आत्महत्या के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने लिखा है कि आखिर हम कब तक यहां सर्दी में बैठे रहेंगे। इसका कारण आंदोलन के मद्देनजर इस सरकार को फेल होना बताया है और कहा है कि यह सरकार सुन नहीं रही है इसलिए अपनी जान देकर जा रहा हूं। 
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गौरतलब है कि उनका परिवार बेटा-पोता यहीं आंदोलन में निरंतर सेवा कर रहे हैं। यूपी पुलिस ने अब सुसाइड नोट अपने कब्जे में ले लिया है।

चिल्ला बॉर्डर पर किसानों ने रखा मौन, अर्पित की मृतक किसान को श्रद्धांजलि
सरदार कश्मीर सिंह निवासी बिलासपुर, जनपद रामपुर जिन्होंने किसान आंदोलन में किसानों की तकलीफ और 54 किसानों की मृत्यु से आहत होकर गाजीपुर बॉर्डर पर आत्महत्या करके अपनी जान दे दी। आज भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति  के दर्जनों कार्यकर्ताओं एवं किसानों ने चिल्ला बॉर्डर धरनास्थल पर मौन धारण कर शहीद सरदार कश्मीर सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की और यह संकल्प लिया कि शहीद किसानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा जब तक सरकार तीन काले कानूनों को वापस नहीं लेती है तथा एमएसपी पर गारंटी कानून नहीं बनाती है तब तक भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति अंतिम क्षण तक इस लड़ाई को लड़ती रहेगी।

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