यूपी गेट पर किसान आंदोलन में राकेश टिकैत ने सरकार को कड़े शब्दों में संदेश दिया। उन्होंने कहा कि देश के अन्नदाता को गलत शब्द कहे जा रहे हैं। इस तरह से उन क्रांतिकारी और आंदोलनकारियों का अपमान होता है, जिन्होंने देश की आजादी में अपनी कुर्बानी दी। सरदार भगत सिंह और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के योगदान को देश कभी नहीं भूल पाएगा। उधर, किसानों को समर्थन देने के लिए महाराष्ट्र, पंजाब और अन्य जगहों से भी किसान यूपी गेट पहुंचे।
शनिवार शाम करीब साढ़े चार बजे किसानों को संबोधित करते हुए भाकियू के राषट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर पूरे देश में रेल रोको आंदोलन को सफल बनाया जाएगा।
आंदोलन को चलाने के लिए उन्होंने किसानों को अठावडिया (आठ दिन) बनने की भी सलाह दी। अठावडिया के बारे में उन्होंने बताया कि जिस तरह कोई भी मेहमान आठ-आठ दिन तक दूसरी जगह रहता है। उसी तरह किसान भी दिल्ली के मेहमान हैं। अब सभी किसान आठ-आठ दिन की तर्ज पर अपनी उपस्थिति लगाएंगे, लेकिन जब तक हमारी मांगों को नहीं माना जाता तब तक किसानों की वापसी नहीं होगी।
सत्तारूढ़ विधायकों पर टिकैत ने ली चुटकी
राकेश टिकैत ने कहा कि कई गांवों में पार्टी के विधायक जाकर गन्ना काटते देखे जा रहे हैं, लेकिन सरकार बातचीत नहीं कर रही। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि अब कुछ समय बाद गेहूं बुआई का भी समय आएगा तो फिर विधायक और नेता गेहूं बुआई करते भी नजर आएंगे। इस बीच उन्होंने किसानों से कहा कि जब भी विधायक गांवों में आएं तो उनसे पूछा जाए कि वह किसान आंदोलन के समर्थन में थे या नहीं। इसी तरह के कई प्रश्न बनाकर किसानों को दिए जाएंगे। क्योंकि विधायकों से वोट मांगते समय उनसे टिक मार्क किसान लगवाएंगे। उधर, राकेश टिकैत ने गुजरात को लेकर कड़ा कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि अब गुजरात अभी बंधन में है उसे भी आजाद कराना है। वहां के लोग यदि किसान आंदोलन में आना चाहते हैं तो उन्हें जेल में डाला जा रहा है। अभी भी 120 लोग जेल में हैं।