प्रदर्शनकारियों को कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से करना होगा पालन
कोरोना काल में अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन के दौरान किसानों को मास्क पहनने के साथ साथ सामाजिक दूरी, सैनिटाइजेशन सहित सभी नियमों का पालन करना होगा। तयशुदा रूट से बसों में जंतर मंतर पर नौ अगस्त तक प्रदर्शन की किसानों को सुबह 11 से शाम पांच बजे तक की इजाजत है।
डीडीएमए ने हिदायत दी है कि पुलिस के घेरे में तयशुदा रूट पर ही बसों में किसानों को रवाना होने दिया जाएगा। किसानों के साथ एक एसयूवी में भी छह किसान नेताओं और प्रतिनिधियों को भी जाने की अनुमति होगी। महामारी काल के दौरान विरोध प्रदर्शन में 200 किसानों को शामिल करने के लिए डीडीएमए ने रियायत दी है। इस दौरान कोविड-19 से सुरक्षा के लिए तय मानक संचालन प्रक्रिया का भी सख्ती से पालन की हिदायत दी गई है।
संसद के मॉनसून सत्र वाले दिन ही लगेगी किसानों की संसद
. संसद मार्च के तहत किसानों की जंतर मंतर पर लगेगी संसद।
. बगैर पहचान पत्र और बैज के प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सकेंगे किसान।
. बसों में रवाना होने से पहले सभी प्रदर्शनकारियों की जाएगी पहचान पहुंचने पर भी सभी की जांच की जाएगी।
. 200 प्रदर्शनकारियों में प्रत्येक संगठन के 5-5 प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा।
. किसान संसद में हर दिन एक स्पीकर और डेप्युटी स्पीकर चुनेंगे।
. पहले दो दिनों में एपीएमसी ऐक्ट पर चर्चा होगी। बाद में अन्य बिलों पर भी दो-दो दिन चर्चा के लिए दिए जाएंगे।
. ससद में चलने वाली कार्रवाई पर भी रहेगी नजर।