भारतीय किसान संगठन के पदाधिकारी डासना एक्सप्रेस वे पर टोल मैनेजर को ज्ञापन सौंपते हुए।
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डासना के पेरीफेरल टोल पर भारतीय किसान संगठन के कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे पर अपनी जमीन के मालिक होने के बावजूद उन्हें टोल टैक्स देना पड़ता है और टोल कर्मी उनके साथ बदसलूकी करते हैं।
प्रदर्शनकारियों ने डासना टोल मैनेजर गौरव चौधरी को एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें उन्होंने मांग की कि किसानों को टोल टैक्स से मुक्त रखा जाए और टोल कर्मियों की बदतमीजी को रोका जाए। भारतीय किसान संगठन के जिलाध्यक्ष लोकेश नागर ने कहा कि एनएचएआई ने वादा किया था कि एक्सप्रेस वे के दोनों ओर किसानों के लिए सर्विस रोड बनाए जाएंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
सपा के युवा प्रदेशाध्यक्ष शहजाद चौधरी, सपा यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष हसीन चौधरी और अन्य स्थानीय नेताओं के साथ मिलकर किसानों ने 30 मिनट तक धरना-प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को स्पष्ट किया।
इस प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने दस किलोमीटर की परिधि में स्थानीय किसानों के वाहनों को टोल मुक्त रखने की भी मांग की और कहा कि इस मामले में उचित कदम उठाया जाना चाहिए।