मृत्यु के बाद भी तीन लोगों को जिंदगी देने वाले मिनिस्ट्री ऑफ कामर्स में डिप्टी डायरेक्टर रहे पवन कुमार ने दो दिन पहले ही किडनी और लिवर दान करने की इच्छा परिजनों से जताई थी।
कविनगर में रहने वाले उनके बडे़ बेटे आशू सिंघल ने इसकी जानकारी दी।भारतीय मानक ब्यूरो में अधिकारी आशू सिंघल का कहना था कि उनके परिवार ने पिता की अंतिम इच्छा को पूरा किया है।
उन्होंने बताया कि नौकरी में रहते हुए भी उनके पिता हमेशा मानवता की बात करते थे। वह हमेशा कहा करते थे कि जीवन को मानवता के लिए समर्पित करना चाहिए। तीनों बेटों को भी वह यही शिक्षा देते थे।
आशू सिंघल ने बताया कि उनके पिता जब स्वस्थ थे, तब वह अपनी आंखें दान करने की बात करते थे। किडनी-लिवर के बारे में तो सिर्फ दो दिन पूर्व ही उन्होंने अस्पताल में इच्छा जाहिर की थी।
आशू ने बताया कि वह तीन भाई हैं। पिता के बीमार होने के बाद उन्हें सबसे छोटे भाई अमित सिंघल ने यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया था। इससे पहले वह एम्स और अन्य अस्पतालों में भी इलाज करा चुके थे।
अमित एक मीडिया हाउस में जॉब करते हैं।आशू ने बताया कि रविवार को पिता की हालत गंभीर होने पर जेपी अस्पताल में परिवार के सभी सदस्य वहां पहुंचे थे।
कुछ पारिवारिक मित्र भी थे। सभी के सामने पिता की इच्छा बताई गई। परिवार के सभी लोगों ने उनकी अंतिम इच्छा पूरी करने को सहमति दे दी। इसके बाद नेशनल ऑर्गन एंड टिशू ऑर्गेनाइजेशन से संपर्क किया गया और उनके अंग दान कर दिए गए।