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Ghaziabad News: लोनी में नकली उर्वरक बनाने की फैक्टरी पकड़ी, माैके से भागे कर्मी

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गाजियाबाद। लोनी के गांव चिरौड़ी में कृषि विभाग की टीम ने नकली डीएपी (डाई अमोनियम फास्फेट), पोटाश और पेस्टिसाइड बनाने वाली फैक्टरी पर छापा मारकर भारी मात्रा में उर्वरक और कीटनाशक पकड़ा है। इस फैक्टरी को राहुल सिंघल निवासी मुजफ्फरनगर चला रहा है। अलीगढ़ और बुलंदशहर में पकड़ी गई नकली डीएपी की खेप यहीं से भेजी गई थी। टीम ने फैक्टरी को सीज करते हुए बरामद उर्वरक और कीटनाशक के नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं। कृषि उपनिदेशक रामजतन मिश्रा ने बताया कि जिला कृषि अधिकारी अमित कुमार, लोनी तहसीलदार जयप्रकाश नायब तहसीलदार रति गुप्ता और उपनिरीक्षक वीरपाल सिंह के साथ वह जैसे ही चिरौड़ी स्थित फैक्टरी पर पहुंचे तो वहां काम कर रहे मजदूर दीवार फांदकर भाग गए।
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निरीक्षण के दौरान टीम ने मौके से एनएफएल मार्का म्यूरेट ऑफ पोटाश के 50 किलोग्राम के 50 बोरे, डीएपी के बगैर मार्का के 920 बोरे, एनपीके के श्री राम क्रॉप केयर फाउंडेशन मार्का 130 बैग बरामद किए। इसके अलावा टीम ने उर्वरक तैयार करने में प्रयोग होने वाला 21 मीट्रिक टन नमक, 25 किलोग्राम लाल मिट्टी, 50 किलोग्राम सफेद पाउडर और प्रतिष्ठित कंपनियों के नए खाली बैग बरामद किए हैं। इनमें एनएफएल मार्का एमओपी के 500 बैग और इफको मार्का डीएपी के एक हजार खाली बैग हैं।
मौके से मिक्सर मशीन और बोरों की सिलाई करने वाली मशीन के साथ-साथ जनरेटर भी मिला। बता दें कि एक सप्ताह पूर्व जनपद बुलंदशहर के खुर्जा में कृषि विभाग ने छापेमारी के दौरान 400 बोरे नकली डीएपी और पोटाश पकड़ा था। लाइसेंसधारक ने नकली उर्वरक की खेप गाजियाबाद से मंगाना बताया था। जिलाधिकारी के निर्देशन में टीम ने छापेमारी कर नकली डीएपी, पोटाश और पेस्टिसाइड बनाने वाली फैक्टरी पर कार्रवाई की।
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नकली उर्वरक कारोबार के कई ठिकाने :
आशंका जताई जा रही है कि उर्वरक का कच्चा माल जनपद हापुड़ से मंगाया जाता था। इसमें रंग, नमक और अन्य सामग्री मिलाकर उनका मिश्रण लोनी के चिरौड़ी गांव के नजदीक किया जाता है। इसके साथ ही मुरादनगर में गोदाम है जहां इस माल को रखा जाता है और वहीं से इसकी आपूर्ति की जाती है।
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