गाजियाबाद। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मरम्मत कार्य नहीं कराने और फर्जी बिल जमा कर 14 करोड़ रुपये का भुगतान लेने का मामला सामने आया है। मामले में आरडीसी राजनगर निवासी आरजी बुल्डवेल निर्माण कंपनी के निदेशक ध्रुव शिवाच ने ठेकेदार नौशाद के खिलाफ वेव सिटी थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
ध्रुव शिवाच ने बताया कि नौशाद नाम के ठेकेदार से उनकी कंपनी का 2022 में एक समझौता हुआ था। इसमें ठेकेदार को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की मरम्मत का काम दिया गया था। आरोप है कि ठेकेदार ने समझौते के हिसाब से मरम्मत का काम नहीं किया और फर्जी बिल लगाकर 14 करोड़ रुपये का भुगतान भी ले लिया। विभागीय अधिकारियों की आपत्ति पर जब नौशाद से बात की गई तो वह धमकी देने लगा, इससे उनकी कंपनी की बदनामी हुई।
मामले में उन्होंने पहले वेव सिटी थाने में शिकायत दी लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। परेशान होकर उन्होंने कोर्ट में गुहार लगाई। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। एसीपी लिपि नगायच ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।