बोर्ड परीक्षा करीब आते ही स्टूडेंट्स की धड़कने बढ़ने लगीं हैं। मार्च में सीबीएसई, सीआईएससीई और यूपी बोर्ड परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। अच्छे मार्क्स के लिए स्टूडेंट्स कड़ी मेहनत कर रहे हैं लेकिन सफलता के लिए टाइम मैनेजमेंट भी बेहद जरूरी है।
आखिरी वक्त में नए टॉपिक को छूने की जगह जरूरत है रिवीजन की। एनसीईआरटी की बुक्स से की गई तैयारी और सेट किए गए छोटे-छोटे टारगेट सफलता की राह दिखाएंगे। एग्जाम टाइम में खुद को रिलेक्स रखने के साथ जरूरत है, सही खानपान की। पैरेंट्स की देखभाल और मोरल सपोर्ट भी स्टूडेंट्स के तनाव को कम कर उनका आत्मविश्वास बढ़ाएगा।
मोबाइल-इंटरनेट को छोड़, दिमाग रखें कूल
डीपीएसजी मेरठ रोड की प्रिंसिपल ज्योति गुप्ता कहती हैं कि बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को अपना दिमाग बिल्कुल शांत रखने की जरूरत है। इस वक्त केवल पढ़े हुए कोर्स को रिवाइज करने पर फोकस करें।
पिछले साल के पेपर्स को सॉल्व करें। तैयारी केवल एनसीईआरटी बुक्स से ही करें। रात को जल्दी सोएं और सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई करें। एग्जाम तक मोबाइल, इंटरनेट और सोशल नेटवर्किंग साइट्स से दूर रहें।
जरूरत पड़ने पर ही मोबाइल यूज करें। इससे दिमाग शांत रहेगा। दोस्तों से तैयारी के बारे में डिस्कशन छोड़, अपना टारगेट सेट कर पढ़ाई पर फोकस करें। कोई डाउट हो तो टीचर्स से बातचीत कर क्लीयर करें। इस वक्त पैरेंट्स बच्चों को स्कूटी से भेजने की जगह खुद स्कूल छोड़ें और लेकर जाएं।
टाइम को किल नहीं, सेव करें
मनोचिकित्सक डा. संजीव त्यागी कहते हैं कि परीक्षा में कम वक्त बचा है, ऐसे में टाइम किल को करने की बजाय उसे सेव करें। अभी समय नई चीजें याद करने का नहीं बल्कि रिवीजन का है।
इस वक्त नए के साथ सब कुछ कर लेने की कोशिश से बचना चाहिए। इससे तनाव व झुंझलाहट बढ़ने के साथ याद की हुईं चीजें भी हम भूलने लगते हैं। क्षमता के हिसाब से पढ़ाई को पार्ट्स में डिवाइड कर रिवीजन करें।
पहले जितना कोर्स हो सके क्लीयर कर आगे बढ़ें। बड़े की जगह छोटे-छोटे टारगेट बनाएं। घर में सीमित न रहें। बाहर कुछ देर खेलने या फिर एक्सरसाइज करने जाएं। फिजिकल एक्सरसाइज से एकाग्रता में होगा इजाफा।
इन टिप्स से बनेगी बात
- एनसीईआरटी की बुक्स से ही करें परीक्षा की तैयारी
- पिछले साल के पेपर्स को करें सॉल्व, रिवीजन पर हो फोकस
- कोई डाउट होने पर अपने टीचर्स से करें क्लीयर
- दूसरों से तैयारी की चर्चा की जगह, खुद की पढ़ाई पर करें फोकस
- दो-तीन घंटे की पढ़ाई के बाद लें ब्रेक, बनी रहेगी एकाग्रता
खानपान पर रखें विशेष ध्यान
- हल्की और हेल्दी डाइट को खाने का हिस्सा बनाएं
- जंक फूड से बचें, लिक्विड डायट को दें तरजीह
- रिलेक्स होने के लिए गाने सुनें और परिजनों से बात करें
- मोबाइल, इंटरनेट व सोशल मीडिया से बनाएं दूरी
- पढ़ाई के बीच घर से निकलकर फिजिकल एक्सरसाइज करें, बढ़ेगी एकाग्रता