गाजियाबाद। हवा में घुले जहर से दम घोटू हुई हवा में सांस लेना मुश्किल हो गया है। जिला अस्पताल के वाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में हर दूसरा मरीज सांस लेने में तकलीफ की शिकायत लेकर पहुंच रहा है। हालत इतनी खराब हो चुकी है कि दो दिन में तीन महिलाओं का समय पूर्व प्रसव कराना पड़ा है।
एमएमजी जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आलोक रंजन ने बताया कि ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ गई है, जो खांसी, गले में संक्रमण, आंखों में जलन और नाक बहने से परेशान हैं। प्रदूषण के कारण कई रोगियों में ब्रोंकियल अस्थमा की स्थिति बिगड़ गई है।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि शुक्रवार को ओपीडी में 1585 मरीज आए थे। इनमें से 700 को सांस लेने में परेशानी थी। जबकि नेत्र रोग विभाग में 217 मरीज पहुंचे थे। इनमें 40 मोतियाबिंद के थे, अन्य सभी को सीने में जलन की परेशानी थी। महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. सुमाता तालिब ने बताया कि पिछले तीन दिन में सांस लेने में तकलीफ होने पर पांच गर्भवती महिलाओं का का समय पूर्व प्रसव कराना पड़ा
फिजिशियन डॉ. आलोक रंजन का कहना है कि हवा में मौजूद धूल और धुएं के कणों के साथ कई प्रकार की गैस (सल्फरडाइऑक्साइड, कार्बनडाइऑक्साइड,कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रस ऑक्साइड) की मात्रा बढ़ने से स्थिति बिगड़ी है।
सुबह की सैर पर नहीं निकलें
सीएमएस ने कहा कि सुबह-सुबह व्यायाम करने या टहलने के लिए बाहर नहीं निकलने की चेतावनी दी जा रही है। बाहर निकलते समय मास्क पहनने की सलाह दी जा रही है।
बाहर जाने से पहले भाप लें
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी डॉ. अशोक राना ने बताया कि रात में गुड़ खाने के साथ ही गुनगुना दूध पीएं। काली मिर्च, सोंठ और तुलसी का पत्ता मिलाकर उबालकर पीएं। मास्क का प्रयोग अवश्य करें। बाहर से आने पर भाप लें।