एनएच नौ पर छाई स्मॉग से गुजरते वाहन। संवाद
साहिबाबाद। हवा में घुला धूल और धुएं का जहर और बढ़ गया। शुक्रवार को शहर खतरनाक गैसों का चैंबर बन गया। इस सीजन में पहली बार वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के पार पहुंचा। सुबह से ही हवा की सेहत नाजुक रही। देश के प्रदूषित शहरों में गाजियाबाद दसवें नंबर पर रहा।
इसके बावजूद कुछ लोग हवा में जहर घोलने का काम करते रहे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय प्रबंधक विकास मिश्र ने बताया कि ग्रैप नियमों का में बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र के मैसर्स गुप्ता पर 50 हजार, इंद्रजीत सिंह पर 30 हजार रुपये जबकि पसौंडा के मैसर्स आराध्यम बिल्डर्स पर पांच लाख रुपये जुर्माना लगाने की सिफारिश प्रशासन को भेजी है।
इसके अलावा शहर में कई जगह कूड़े में आग लगा दी गई। इसके धुएं से लोगों को परेशानी हुई। गड्ढों से धूल भी दिनभर उड़ती रही। नगर निगम की ओर से पेड़ों पर पानी का छिड़काव भी सिर्फ कहीं-कहीं किया जा रहा है।