हापुड़ । जिले के राष्ट्रीय राजमार्गों पर लाखों की लागत से स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं हैं। इसके बाद भी सड़कों पर अंधेरा पसरा हुआ है। अंधेरे की वजह से रात में दोपहिया वाहन चालक हादसों का शिकार हो रहे हैं। इस कारण लोगों को आर्थिक, शारीरिक और मानसिक नुकसान भी पहुंच रहा है। एनएच-नौ और एनएच-334 पर करीब 400 लाइटों को लगाया गया था, लेकिन अब जगह-जगह करीब 50 से अधिक लाइटें बंद पड़ी हैं। इसके अलावा रात में कभी भी आधी से अधिक लाइटें घंटों तक बंद रहती हैं।
दोनों हाईवे के बनने के साथ ही इन लाइटों को भी लगाया गया था। वर्तमान में एनएच-नौ पर ब्रजघाट से लेकर पिलखुवा छिजारसी टोल प्लाजा तक और एनएच-334 पर मेरठ से लेकर कुराना टोल प्लाजा तक जगह-जगह स्ट्रीट लाइटें लगी हुई हैं, लेकिन अब लाखों खर्च करने के बाद भी हाईवे पर अंधेरा छाया हुआ है। कई जगहों पर उखड़े खंभे लगाए गए, लेकिन इनमें लाइट अब तक नहीं लगी है। इस कारण दिन डूबते ही हाईवे में अंधेरा छा जाता है। इन मार्गों पर जगह-जगह सड़क पर गड्ढे हैं और रात के अंधेरे में इन गड्ढों में गिरकर दोपहिया वाहन चालक घायल हो रहे हैं। बरसात के बाद तो बड़ी संख्या में लाइटें और इनके सिस्टम में बड़ी खराबी आई है।
हर दिन गुजरते हैं 40 हजार से अधिक वाहन
इन दोनों हाईवे से प्रतिदिन करीब 40 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। तीन स्थानों पर वाहन चालकों से एनएचएआई के अधिकारी महंगा टोल वसूल करते हैं, लेकिन पथ प्रकाश की बेहतर व्यवस्था लोगों को नहीं मिल रही है। ब्लैक स्पॉट पर भी प्रकाश की बेहतर व्यवस्था नहीं है।
गांवों को जोड़ने वाले मार्ग पर छाया अंधेरा
यह दोनों हाईवे 70 से अधिक गांवों को सीधे जाेड़ते हैं। इसलिए हाईवे से लिंक रोड भी जगह-जगह बनाए गए हैं। करीब 20 जगह लिंक मार्ग बनाकर गांवाें को जोड़ा गया है। इसमें आठ से अधिक स्थानों पर ब्लैक स्पॉट भी हैं। इन लिंक मार्गों पर भी लाइटें बंद पड़ी हैं। उपैड़ा, सिंभावली, कुचेसर चौपला, धौलाना मोड़, खेड़ा, अल्लाबख्शपुर, सिमरौली, बुलंदशहर कट और हाफिजपुर सहित कई स्थानों पर लगी लाइटें बंद पड़ी हैं।
यह कहते हैं अधिकारी
बरसात के कारण कुछ जगहों पर स्ट्रीट लाइटें बंद हुई हैं। एनएचएआई के अधिकारियों को लाइटों को तुरंत सही कराने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही लाइटें सही हो जाएंगी।
- संदीप कुमार, अपर जिलाधिकारी
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