ट्रॉनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र में यूपीसीडा की ओर से तोड़ी जा रही नालियां। स्रोत : उद्यमी
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गाजियाबाद। ट्रॉनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों ने यूपीसीडा के अधिकारियों पर बजट खपाने के लिए बेवजह नालियों को तोड़कर बनवाने का आरोप लगाया है। कई उद्यमियों ने आईजीआरएस के माध्यम से सीईओ और मुख्यमंत्री से शिकायत कर जांच कराने की मांग की है। उद्यमियों का कहना है कि नालियों का यह निर्माण यूपीसीडा के अधिकारी और ठेकेदार के गठजोड़ से करीब 33 करोड़ रुपये का बजट ठिकाने के लिए किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आईआईटी दिल्ली से इस प्रोजेक्ट को पास कराया गया है।
ट्रॉनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र में अगस्त 2025 से सड़कों और नालियों का निर्माण कार्य किया जा रहा है। इसमें नालियों के निर्माण कार्य पर कुल 32.82 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया है। निर्माण कार्य के लिए अगस्त 2026 के पहले सप्ताह तक का समय निर्धारित किया गया है। इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ऑफ एमएसएमई के अरुण गुप्ता का कहना है कि नालियां जो अब बनाई जा रही हैं, उनकी गहराई पूर्व में निर्मित नालियों से काफी कम है। इसके बाद कई स्थानों पर नालियां बिल्कुल ठीक हैं। ऐसे स्थानों की नालियों को बेवजह से ही तोड़ा जा रहा है। वर्तमान में बनाई जा रही नालियों की गहराई सिर्फ एक फीट कर दी गई है।
पूर्व में निर्मित नालियों की गहराई ही चार फीट तक थी। इस संबंध में यूपीसीडा के अधिकरियों का कहना है कि नालियां सड़कों से पानी की निकासी के लिए हैं। वहीं, औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले दूषित जल के लिए सीवर का कनेक्शन दिया जाएगा।
उद्यमी आरएस कालसी का कहना है कि ट्रॉनिक सिटी एरिया में सीमैक्स कंपनी की ओर से करीब आठ वर्ष से सीवर से संबंधित कार्य कराया जा रहा है, लेकिन आज तक पूरा नहीं हो पाया है। जरा सी बरसात होते ही नालियां इकाइयों के दूषित जल और बरसात के पानी से ओवरफ्लो होने लगती हैं। आधे से ज्यादा बजट खर्च हो चुका है। कई स्थानों पर नालियों का निर्माण कार्य पूरा भी हो गया है, लेकिन अब तक नालियां नालों से कनेक्ट नहीं हो पाई हैं।
वरिष्ठ प्रबंधक यूपीसीडा नवीन जैन ने बताया कि आईआईटी दिल्ली से इस प्रोजेेक्ट की रिपोर्ट पास कराई गई है। इसी आधार पर क्षेत्र में निर्माण कार्य किया जा रहा है।