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Ghaziabad News: लुटेरों के हमले में घायल इंजीनियरिंग की छात्रा की मौत

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कीर्ति। फाइल फोटो 
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गाज़ियाबाद। एनएच-9 पर उद्योग कुंज के पास लुटेरों के हमले में घायल हुई इंजीनियरिंग की छात्रा कीर्ति ( 19) की उपचार के दौरान रविवार की शाम मौत हो गई। बाइक सवार लुटेरों ने मोबाइल फोन लूटने के लिए उसे ऑटो से खींचने का प्रयास किया था। सड़क पर गिर जाने से उसके सिर की हड्डी टूट गई थी। डाॅक्टरों ने उसका आपरेशन किया था, लेकिन जान नहीं बच सकी। हापुड़ के पन्नापुरी निवासी रविंद्र की बेटी और गाजियाबाद के एबीईएस इंजीनियरिंग काॅलेज में बीटेक प्रथम वर्ष की होनहार छात्रा कीर्ति के साथ घटना 27 अक्तूबर की शाम करीब साढ़े चार बजे हुई थी। वह सहेली दीक्षा के साथ घर जा रही थी। पीछा करते आ रहे बाइक सवार दो बदमाशों ने उससे मोबाइल फोन छीनने का प्रयास किया। उसने विरोध किया तो उसका हाथ पकड़कर बाहर की ओर खींच दिया। वह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई। मोबाइल फोन बदमाश के हाथ में आ गया। बदमाश मोबाइल लूटकर भाग गए थे। सहेली और ऑटो चालक ने कीर्ति को अस्पताल में भर्ती कराया था। उसे पहले पिलखुवा के मेडिकल काॅलेज ले जाया गया। वहां से गाजियाबाद के यशोदा अस्पताल भेजा गया। यहां रविवार की शाम उसने दम तोड़ दिया।
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मसूरी थाना प्रभारी निलंबित दो इंस्पेक्टर लाइन हाजिर
डीसीपी ग्रामीण विवेक यादव ने पुलिसिंग में लापरवाही बरतने पर मसूरी थाना के प्रभारी रविंद्र चंद्र पंत को निलंबित कर दिया है। साथ ही थाने में इंस्पेक्टर तनवीर आलम और पुनीत सिंह को लाइन हाजिर किया है। घटना हाईवे पर हुई। बदमाश ऑटो का पीछा करते हुए आए और वारदात करके चले गए। वारदात को रोकना तो दूर पुलिस को इसका पता भी काफी देर से चला। मसूरी क्षेत्र में हाईवे पर एक भी पुलिसकर्मी गश्त पर नहीं था। यह हाल तब है जबकि शाम के समय बाइकर्स गैंग मोबाइल, चेन और पर्स लूट की कई वारदात कर चुका है। पूरे मामले में थाना पुलिस की सक्रियता के बारे में जानकारी कराई गई। अफसरों को जब लगा कि इस घटना के लिए कहीं न कहीं पुलिस की ढिलाई भी जिम्मेदार है, तब यह कार्रवाई की गई।



तीसरे दिन भी नहीं पकड़ा गया दूसरा लुटेरा
दुस्साहसिक वारदात के 27 घंटे बाद शनिवार की शाम साढ़े सात बजे पुलिस ने एक बदमाश को गिरफ्तार करने का दावा किया था। पुलिस का कहना है कि उसे मुठभेड़ के बाद पकड़ा जा सका। उसके पैर में पुलिस की गोली लगी। उसकी पहचान इंद्रगढ़ी निवासी बलवीर के रूप में हुई। उसने वारदात में शामिल अपने साथी का नाम जितेंद्र निवासी मिशलगढ़ी बताया। वारदात के तीसरे दिन रविवार को भी पुलिस जितेंद्र को नहीं पकड़ सकी। वह अपने घर पर नहीं मिला है। उसका मोबाइल फोन स्विच आफ आ रहा है। उसका फोटो भी पुलिस को मिल गया है। उसके रिश्तेदारों के बारे में भी जानकारी हो चुकी है। इसके बावजूद उसकी गिरफ्तारी में कामयाबी नहीं मिल सकी है।
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एक फोन के लिए ले ली जान
इस घटना में पकड़े गए बलवीर ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसका मकसद सिर्फ फोन लूटना था। वह इसे हर हाल में लूटना चाहता था। तब छात्रा ने फोन नहीं छोड़ा तो उसने उसे बाहर की ओर खींचा। उसे इसकी परवाह ही नहीं थी कि अगर वह सड़क पर गिरेगी तो उसे कितनी चोट लगेगी।



27 अक्तूबर
शाम साढ़े चार बजे वारदात हुई। एक घंटे बाद उसे पिलखुवा के जीएस मेडिकल काॅलेज में भर्ती कराया गया। वहां से रेफर कर दिया गया। रात 10 बजे गाजियाबाद के नेहरूनगर स्थित यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया गया।



28 अक्तूबर
शाम को साढ़े सात बजे सिकरोडा रोड पर पुलिस चेकिंग के दौरान मुठभेड़ में बदमाश बलवीर पकड़ा गया। रात में पुलिस ने दूसरे बदमाश जितेंद्र की तलाश में दबिश दी लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल सका।
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29 अक्तूबर
सुबह नौ बजे मसूरी थाना के प्रभारी को निलंबित और दो इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर किया गया। शाम साढ़े सात बजे छात्रा ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
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