गाजियाबाद। ऑनलाइन फ्रॉड करने वालों को कमीशन पर बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले इंजीनियर दीपक ठाकुर को साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसके गिरोह ने जिले के दो लोगों के साथ 72.30 लाख रुपये की ठगी की है। इसमें से 17.96 लाख रुपये पुलिस ने रिफंड कराए हैं। पकड़ा गया आरोपी 20 प्रतिशत कमीशन पर अपना खाता मुहैया कराता था। इसके खाते में करीब एक साल में डेढ़ करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन मिला है जबकि इसके गिरोह द्वारा 14 राज्यों की 40 घटनाओं में कुल 6.76 करोड़ रुपये के साइबर फ्राड होने की पुष्टि हुई है।
एडीसीपी पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि गत दिनों इंदिरापुरम में रहने वाली अर्चना कुमारी के साथ शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 45 लाख रुपये का साइबर फ्राड हुआ। जबकि इंदिरापुरम निवासी सरताज सिंह के साथ 27.30 लाख रुपये का साइबर फ्राड हुआ। पुलिस ने जांच करते हुए मामले में दिल्ली के शकरपुर निवासी दीपक ठाकुर को गिरफ्तार किया है। आरोपी बीटेक है और उसने अपने दोस्त सौरभ आनंद के साथ मिलकर फर्जी पहचान पत्रों के आधार पर बैंक में चालू खाता खुलवाया। सौरभ उसके खाते में साइबर ठगी की रकम मंगवाता था। ठगी की रकम में दीपक को 20 प्रतिशत कमीशन मिलता था। पुलिस को उसके खाते में एक साल में ही करीब डेढ़ करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन मिला है। पूछताछ में दीपक ठाकुर ने बताया कि इनके गैंग के द्वारा 14 राज्यों आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, दिल्ली, गाजियाबाद, हरियाणा, गुजरात, झारखंड, केरल, बंगाल, बिहार, तमिलनाडु के लोगों के साथ कुल 6.76 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की गई है। पुलिस सभी राज्यों के पीड़ितों से संपर्क कर रही है। एडीसीपी पीयूष कुमार ने बताया कि आरोपी को विजयनगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है और एक मोबाइल व कुछ अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं।