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Ghaziabad News: मकान मालिकों के यहां पोस्टपेड तो किरायेदारों के यहां प्रीपेड मीटर लगाएगा ऊर्जा निगम

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प्रशांत कुमार
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गाजियाबाद। जिले में सर्वे के बाद स्मार्ट मीटर लगाए जाने का काम शुरू करा दिया गया है। मकान मालिकों को पोस्टपेड तो किरायेदारों के यहां प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे। उपभोक्ताओं की सुविधा को देखते हुए ऊर्जा निगम ने संयोजन के तीन विकल्प दिए हैं। इसमें प्रीपेड, पोस्टपेड और नेट मीटर शामिल है। पहले दिन राजनगर क्षेत्र में 500 उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए गए।
बढ़ती बिजली चोरी और बकाये को देखते हुए ऊर्जा निगम ने तीन महीने पहले उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने की कवायद शुरू की थी। इसके लिए जिले में क्षेत्रवार उपभोक्ताओं को ब्यौरा एकत्रित कर मुख्यालय से 10 लाख मीटरों की मांग की गई थी, जो जिला मुख्यालय को मिलने शुरू हो गए है। सुविधा के अनुरूप भवन स्वामी और किरायेदारों के लिए अलग-अलग मीटरों की व्यवस्था की गई है। भवन स्वामी पोस्टपेड या प्रीपेड स्मार्ट मीटर के अलावा नेट मीटर (सोलर ऊर्जा चलित) में से कोई भी विकल्प चुन सकता है, जबकि किरायेदारों को सब-मीटर के स्थान पर प्रीपेड मीटर लगवाना होगा। इन मीटरों में बिजली के खंभों से हाई आर्मर्ड केबल (सुरक्षा कवच तार) से संयोजन दिया जाएगा, जिससे मीटर से पहले कट लगाकर बिजली चोरी करना संभव नहीं हो सकेगा।
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जोन में करीब तीन महीने पहले स्मार्ट मीटर लगाने का काम किया जाना था, लेकिन उपभोक्ताओं का ब्यौरा उपलब्ध न होने के कारण इस काम को शुरू नहीं किया जा सका। निगम ने सभी उपभोक्ताओं का सर्वे कराकर मुख्यालय से 10 लाख मीटर की मांग की थी, जो मिलने शुरू हो गए हैं। शुक्रवार को पहले चरण में राजनगर क्षेत्र में 500 मीटर लगाकर इसकी शुरूआत की गई। इसके बाद सोमवार से हाईलॉस वाले इलाकों में स्मार्ट मीटर लगाए जाने का काम किया जाएगा। इसके लिए निगम के अधिकारियों ने सबसे पहले लोनी के तीनों खंड़ो से जुड़े शहरी और देहात के उपभोक्ताओं को चिह्नित किया है।


इन इलाकों को रखा गया है प्राथमिकता में
लोनी क्षेत्र में ट्रोनिका सिटी, आवास विकास, मंडौला, रामपार्क, बलरामनगर, पावी, नाइपुरा, रूपनगर प्रथम और द्वितीय, चमन विहार, डीएलएफ और बेहटा हाजीपुर समेत मोदीनगर और मुरादनगर के देहात क्षेत्र के इलाकों को स्मार्ट मीटर लगाए जाने में प्राथमिकता पर रखा गया है।



ये हैं स्मार्ट मीटर के फायदे
आर्मर्ड केबल से जुड़े होने के चलते बिजली चोरों के लिए मीटर से पहले कट लगाकर आपूर्ति लेना आसान नहीं होगा। स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल रीडिंग से लेकर बकाये तक का झंझट नहीं रहेगा। मीटर का सारा ब्यौरा विद्युत उपकेंद्रों के सर्वर को पहुंचेगा और किसी प्रकार की परेशानी आने पर उसका उपखंड स्तर से निराकरण कर दिया जाएगा।
उपभोक्ता के घर व प्रतिष्ठान के कनेक्शन, ट्रांसफार्मर व फीडर पर स्मार्ट मीटर लग जाने के बाद ओवरलोडिंग, फाल्ट और लाइनलॉस के मामले तत्काल पकड़ में आएंगे। स्वीकृत लोड से ज्यादा बिजली प्रयोग करने पर आपूर्ति स्वत: बंद हो जाएगी। इससे एक और जहां ऊर्जा निगम को लाइन लॉस रोकने और राजस्व बढ़ाने में मदद मिलेगी। उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली की आपूर्ति मिल सकेगी।


स्मार्ट मीटर के प्रकार
पोस्टपेड स्मार्ट मीटर लगवाने वाले उपभोक्ताओं को भार के अनुसार मीटर उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें उपभोक्ता को हर महीने बिजली का बिल देना होगा, जबकि प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगवाने वाले उपभोक्ताओं को मोबाइल की तर्ज पर रिचार्ज कराकर बिजली आपूर्ति लेनी होगी। वहीं नेट मीटर (सोलर ऊर्जा चलित) लगवाने वाले उपभोक्ताओं को भार से कम बिजली आपूर्ति लेने पर ऊर्जा निगम 3.10 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से भुगतान करेगा।
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स्मार्ट मीटर लगाने के लिए निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण का काम पूरा हो गया है। अगस्त माह के अंत तक जिले में स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
- नीरज स्वरूप, मुख्य अभियंता, ऊर्जा निगम
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