गाजियाबाद। मीटर उतारने के बाद भी उपभोक्ता को बिल भेजा जा रहा है। इसके लिए उपभोक्ता ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों के साथ ही मुख्यमंत्री के नाम भी पत्र लिखा है।
शिकायतकर्ता लोहिया नगर निवासी रूबी गोयल ने बताया कि लोहामंडी में उन्होंने अपने दुकान पर व्यावसायिक विद्युत कनेक्शन ले रखा था। 16 अक्तूबर 2024 को बिल भुगतान के बाद कनेक्शन के स्थाई विच्छेदन (पीडी) के लिए आवेदन किया। इसके बाद निगम के कर्मचारी दुकान से मीटर उतार ले गए। नौ नवंबर को कर्मचारियों ने फोन कर सूचना दी की आपके मीटर की कुछ रीडिंग रूकी हुई है। इसके लिए आपको 27078 रुपये का भुगतान करना होगा। इसके बाद आपको पीडी सर्टिफिकेट दी जाएगी। इस संदर्भ में जब विभाग के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने उक्त बिल को 983 रुपये कर दिया और पोर्टल पर अपडेट कर दिया। इसके बाद रूबी ने बकाया बिल का भुगतान कर दिया और सर्टिफिकेट की मांग करने लगी। लेकिन इसके बाद फिर निगम की ओर से बताया कि आपके मीटर की लगभग 50 हजार यूनिट की रीडिंग रूकी हुई है। जिसके लिए लगभग पांच लाख रूपये का बिल जमा करना होगा। प्रार्थी ने मामले की शिकायत फिर अधिकारियों से की तो उन्होंने कहा कि गलती से उन्होंने दूसरे के मीटर की रीडिंग बता दी है। इसके बाद भी पीडी सर्टिफिकेट नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मीटर उतरने के बाद भी अब हर माह बिल भेजा जा रहा है।
एसडीओ कविनगर दिपांश कुमार मामला संज्ञान में है। किस स्तर पर गड़बड़ी हुई है इसकी जांच कराई जा रही है। जांच के बाद स्थाई विच्छेदन सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाएगा।