एनजीटी द्वारा एलिवेटेड रोड के निर्माण पर लगाई गई रोक हटा लेने के बाद सोमवार से रोड के दो पिलरों का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।एनजीटी ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए 18 जुलाई को पक्षी विहार इलाके में एलिवेटेड रोड के निर्माण पर रोक लगाई थी, जिसे 20 सितंबर को हटा लिया गया।
सुशील राघव ने याचिका दायर कर पर्यावरण के लिहाज से इस रोड पर आपत्ति जताई थी।जीडीए के अधिशासी अभियंता चक्रेश जैन ने बताया कि एनजीटी ने खसरा संख्या 1450 और 1453 पर रोड बनाने के लिए प्रदेश के पर्यावरण विभाग से तीन महीने के अंदर एनओसी के लिए आवेदन करने का आदेश दिया है। इस आदेश का पालन समय से किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि कंसलटेंट फर्म नवयुगा से कहा गया है कि दो पिलरों का निर्माण जल्द पूरा किया जाए। सोमवार से निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इन पिलरों के बनते ही उन पर स्लैब डालने का काम किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जीडीए ने यह तय किया था कि एलिवेटेड रोड को निर्धारित लक्ष्य अप्रैल 17 से तीन महीने पहले पूरा बना देंगे लेकिन अब ऐसा संभव नहीं हो पाएगा। उन्होंने बताया कि एचटी लाइन शिफ्टिंग के चलते समय से शट डाउन न मिलने के कारण भी इसके निर्माण में देरी हुई है लेकिन यह प्रोजेक्ट अप्रैल 17 तक पूरा हो जाएगा।
बता दें कि राजनगर एक्सटेंशन से यूपी गेट तक 10.3 किलोमीटर की लंबाई में 1147 करोड़ की लागत से एलिवेटेड रोड बन रही है। इस प्रोजेक्ट पर काम 2014 में शुरू हुआ था।