गाजियाबाद। बार एसोसिएशन के सचिव पद का चुनाव निरस्त कर उपजिलाधिकारी अरुण दीक्षित ने दो सप्ताह में दोबारा चुनाव कराने का आदेश एल्डर कमेटी को दिया है। आदेश में कहा है कि विवेचना के आधार पर बार एसोसिएशन गाजियाबाद के चुनाव वर्ष 2024-25 में सचिव पद का निर्वाचन निरस्त किया जाता है।
उपजिलाधिकारी ने फैसले में कहा है कि एल्डर्स कमेटी, बार को निर्देशित किया जाता है कि वह बार एसोसिएशन में सचिव पद के निर्वाचन मॉडल बाॅयलॉज में उल्लिखित उपनियमों के अनुसार मतदाता सूची का पुनिरीक्षण कर चुनाव कार्यक्रम घोषित करते हुए दो सप्ताह के अंदर चुनाव सम्पन्न कराया जाना सुनिश्चित करें।
सचिव पद के प्रत्याशी हरेंद्र कुमार गौतम ने आरोप लगाया था कि बार एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव 2024 -25 में फर्जी मतदाता सप्लीमेंट्री सूची बनाकर बिना एल्डर कमेटी के चुनाव संपन्न कराया गया। हरेंद्र का आरोप था कि सचिव पद पर मतगणना के दौरान विजयी होने के बाद भी बार-बार मतगणना करके बेईमानी पूर्वक सचिव पद पर कार्य करने नहीं दिया गया। हारे हुए प्रत्याशी अमित नेहरा को विधि विरुद्ध जाकर षडयंत्र के तहत सचिव घोषित किया गया। फैसला आने के बाद हरेंद्र ने जनपद न्यायाधीश को अर्जी देकर कहा कि चुनाव निरस्त हो चुका है। इसलिए बार द्वारा घोषित किए गए सचिव अमित नेहरा द्वारा पास किया गया कोई भी प्रस्ताव माना नहीं जाए।
-यह था विवाद-
19 जुलाई को हुए मतदान और देर रात हुई मतगणना के बाद चुनाव समिति के सदस्य पूर्व बार अध्यक्ष नाहर सिंह यादव ने प्रत्याशियों को मिले मतों की घोषणा की थी। उन्होंने बताया था कि सचिव पद प्रत्याशी हरेंद्र गौतम को 892 मत, जबकि अमित नेहरा को 891 मत और वरुण त्यागी को 754 वोट मिले थे। 18 मत निरस्त कर दिए गए थे। नाहर सिंह के अनुसार सचिव पद पर कुल 2,555 वोट की गिनती हुई, जबकि कुल 2,553 वोट पड़े थे। मतों का अंतर होने पर कई दिनों तक हंगामा चला था। वहीं सचिव अमित नेहरा का कहना है कि फैसले की जानकारी है उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी।