ललिता ने दी शिकायत में बताया कि उनके ससुर राजपाल ईंट भट्टे पर काम करते थे। शनिवार दोपहर को वह जंगल में घोड़ी चराने के लिए गए थे। शाम को लौटते समय रास्ते में गांव के ही संदीप, आतिश और संजय को आपस झगड़ते देखा तो उनके ससुर राजपाल ने युवकों को आपस में झगड़ा करने से रोका दिया। आरोप है कि आरोपियों ने बुजुर्ग की बात को अनसुना करते हुए उनके साथ ही मारपीट करनी शुरू कर दी। आरोपियों ने बुजुर्ग को उस समय तक पीटा जब तक वह निढाल नहीं हो गए। इसके बाद आरोपी मौके से भाग गए। ग्रामीणों की सूचना पर वह परिजन के साथ घटनास्थल पर पहुंची और संयुक्त अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन वहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और रविवार को अंतिम संस्कार किया गया।
क्या कहते है अधिकारी
एसीपी शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में न तो खुली चोट की बात सामने आई है और न ही मौत का कारण स्पष्ट हुआ है। विसरा सुरक्षित रखा गया है। मौत का कारण स्पष्ट न होने की वजह से गैर असंज्ञेय अपराध की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। विसरा रिपोर्ट में अगर पिटाई की वजह से मौत की पुष्टि होती है तब मामले को हत्या की धारा में बदल दिया जाएगा। फिलहाल एक युवक को हिरासत में ले लिया है और बाकी दो की तलाश चल रही है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।