संवाद न्यूज एजेंसी
गाजियाबाद। साहिबाबाद के राजेंद्र नगर निवासी बुजुर्ग ब्रजपाल सिंह तेवतिया (69) को साइबर ठगों ने मनी लाॅन्ड्रिंग का भय दिखाकर उनसे 16.61 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने उनको चार घंटे तक डिजिटल अरेस्ट किए रखा। उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई और पुलिस ने ठग के खाते को फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पीड़ित ब्रजपाल सिंह तेवतिया ने बताया कि तीन अगस्त की शाम करीब सात बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया। आरोपी ने खुद को एटीएस इंस्पेक्टर राहुल यादव बताते हुए डराया कि उनके नाम पर कर्नाटक में एक बैंक खाता खुला है। उससे बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग की गई है। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें वीडियो कॉल पर ले लिया।
ठगों ने बुजुर्ग को डराने के लिए वीडियो कॉल के दौरान बकायदा एटीएस का लोगो, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के फर्जी सरकारी दस्तावेज और अदालती वारंट दिखाए। आरोपियों ने पीड़ित को कानूनी कार्रवाई का खौफ दिखाकर एक एकांत कमरे में रहने को मजबूर किया। इसके बाद 4 घंटे तक ऑनलाइन पूछताछ के नाम पर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। उन्होंने केस खत्म कराने की बात की तो कहने लगे तो कुछ रकम उनको भेजनी पड़ेगी।
यदि वह सही साबित होते हैं तो रकम वापस आ जाएगी। इसके बाद उन्होंने आरोपियों के बताए खातों में कुल 16.61 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। आरोपियों के फोन काटने के बाद जब बुजुर्ग को ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने परिजनों को आपबीती सुनाई। इस बारे में डीसीपी धवल जायसवाल ने बताया कि पीड़ित के बैंक ट्रांजेक्शन की डिटेल निकालकर खातों को फ्रीज कराने का प्रयास किया जा रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास चल रहा है।