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UP: पैमाइश करने पहुंची प्रशासन की टीम, बुजुर्ग की हार्टअटैक से मौत; ग्रामीण बोले- जांच के लिए इतनी दहशत क्यों?

Tue, 18 Aug 2026 07:24 PM IST
Rahul Kumar Tiwari अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद

सार

गाजियाबाद के मोदीनगर में मकानों की भूमि की पैमाइश करने पहुंची प्रशासन और नगर पालिका की टीम को देखकर 70 वर्षीय रिछपाल घबरा गए। परिजनों का आरोप है कि टीम के साथ मौजूद बाउंसरों की दहशत से उन्हें हार्टअटैक आया और मौके पर ही मौत हो गई। 
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मृतक रिछपाल (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला GFX
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विस्तार
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गाजियाबाद जिले के मोदीनगर के गांव सीकरी कलां में मंगलवार सुबह मकानों की भूमि की पैमाइश करने गई नगर पालिका और प्रशासन की टीम को देखकर 70 वर्षीय बुजुर्ग रिछपाल की हार्टअटैक से मौत हो गई। आरोप है कि टीम में शामिल बांउसरों को देखकर रिछपाल सदमें में आ गए, इसके बाद उन्हें हार्टअटैक आ गया। घटना से ग्रामीणों में रोष है।
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गांव सीकरी कलां निवासी दिव्यांग बिजेंद्र जाटव अपनी पत्नी और दो बेटियों व 70 वर्षीय पिता रिछपाल के साथ रहते हैं। दिव्यांग बिजेन्द्र जाटव मजदूरी कर परिवार का पालन करते है। बताया कि उन्होंने  वर्ष 1976 में सरकार की ओर से आंवटित 100 वर्ग गज का आवासीय पट्टा 2009 में ग्रामीण से खरीदा था। उस पर वह मकान बनाकर रह रहें है। बताया कि लगभग बीस वर्ष पूर्व पट्टे को अवैध बताकर शिकायत की गई थी। सिविल कोर्ट में वाद दायर किया,सिविल कोर्ट का फैंसला पट्टाधारकों के पक्ष में आया था।  
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रिछपाल के नाम पीपी एक्ट के तहत 26 लाख का नोटिस जारी
बिजेन्द्र जाटव ने बताया कि लगभग आठ महीने पहले पीपी एक्ट के तहत उनके पिता रिछपाल के नाम उपजिलाधिकारी कोर्ट से 26 लाख का नोटिस  जारी किया गया। एनजीटी में भी मामला विचाराधीन है। कुल नौ पट्टा धाराकों के खिलाफ मामला चल रहा है। इसे लेकर कई बार नापजोख भी हो चुकी है। 

बाउंसर देख घबरा गए रिछपाल
बिजेंद्र के अनुसार मंगलवार सुबह नायब तहसीलदार प्रियंका, लेखपाल संजय और नगर पालिका से राजस्व निरीक्षक अंकित चौधरी आदि मोहल्ले में पहुंचे। टीम के साथ छह बांउसर भी थे। टीम ने वहां जांच पड़ताल शुरू की। बिजेंद्र ने बताया कि बांउसरों को देखकर उनके 70 वर्षीय पिता रिछपाल घबरा गए। किसी ने अफवाह फैला दी कि टीम मकानों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने आई है। 

ग्रामीणों में आक्रोश
इससे रिछपाल की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह अचेत होकर वहीं जमीन पर गिर गए। मौके पर स्थानीय चिकित्सक को बुलाया गया, चिकित्सक ने रिछपाल को मृत घोषित कर दिया। रिछपाल की मौत से माहौल गमगीन हो गया और ग्रामीणों में आक्रोश पैदा हो गया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर टीम जांच के लिए आई थी तो फिर उनके साथ बाउंसरों क्यों थे। उन्होंने आरोप लगाया कि बांउसरों की दहशत के कारण ही बुजुर्ग रिछपाल की हार्टअटैक से मौत हो गई।
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गांव सीकरी कलां के उक्त प्रकरण में ग्रामीण की ओर से एनजीटी में शिकायत दर्ज है। इसके अलावा पीपी एक्ट के तहत भी उपजिलाधिकारी कोर्ट में मामला चल रहा है। मंगलवार को राजस्व और नगर पालिका की टीम स्थलीय निरीक्षण के लिए मौके पर गई थी। परिजनों के अनुसार रिछपाल पहले से बीमार थे। मंगलवार को उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। -कोमल पंवार, उपजिलाधिकारी, मोदीनगर

पीपी एक्ट और एनजीटी के तहत चल रहे मामले की जांच को लेकर टीम गांव सीकरी कलां गई थी। टीम के साथ बांउसरों के होने का आरोप निराधार है। जांच से लौटने के बाद बुजुर्ग रिछपाल के देहांत की जानकारी मिली। -अंकित चौधरी,राजस्व निरीक्षक , नगर पालिका परिषद मोदीनगर

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