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Ghaziabad News: कोडीनयुक्त सिरप की तस्करी में आठ और फार्मा कंपनियों के नाम सामने आए

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प्रतिबंधित कफ सिरप के मामले में पकड़े गए आरोपी। फाइल फोटो
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गाजियाबाद। कोडीनयुक्त सिरप की तस्करी में आठ और फार्मा कंपनियों के नाम सामने आए हैं। औषधि विभाग की जांच में सामने आया कि इन कंपनियों ने वर्ष 2024 और 2025 में प्रदेशभर में 13 करोड़ 23 लाख 83 हजार 207 रुपये की सिरप का कारोबार किया।
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औषधि विभाग की ओर से अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अपराध केशव चौधरी को भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि सिरप तस्करी के आरोपी सौरव त्यागी, शादाब, अभिषेक शर्मा और पप्पन यादव ने इन फर्मों को कोडीनयुक्त सिरप व टेबलेट उपलब्ध कराईं। टीम का दावा है कि जीएसटी डिटेल में यह जानकारी सामने आई है। जांच में मैसर्स श्याम ड्रग एजेंसी का नाम भी उजागर हुआ है।

औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा ने बताया कि कोडीनयुक्त सिरप की आपूर्ति के मामले में जिले की आठ कंपनियों का रिकार्ड खंगाला गया है। इनमें से कुछ फर्म बोगस हैं। पिछले दो वर्षों के जीएसटी ब्योरे के मुताबिक सौरव त्यागी की आरएस फार्मा, शादाब की मैसर्स एसवी ट्रेडर्स और अभिषेक शर्मा व पप्पन यादव की एवी फार्मास्यूटिकल्स ने 13 करोड़ 83 हजार रुपये का कोडीनयुक्त सिरप गाजियाबाद की अलग-अलग आठ फर्मों को दिया है।
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इन आठ फर्मों में मो. इकबाल की राजनगर एक्सटेंशन स्थित एआर फार्मा, अनिल कुशवाहा की साहिबाबाद स्थित अमर ट्रेडर्स, अभिषेक ओझा की साहिबाबाद स्थित अंकित फार्मा, यशराज वर्मा की साहिबाबाद स्थित कृष्णा फार्मा, ज्ञानेंद्र सिंह की भट्ठा रोड स्थित महाकाल मेडिकोज, यूसुफ खान की गोविंदपुरम स्थित एसआर फार्मा, मो. समीर की चिरंजीव विहार स्थित समीर फार्मा और विनय सिंह की साहिबाबाद स्थित वाशू इंटरप्राइजेज शामिल है।

ये हैं आरोप
औषधि निरीक्षक रुद्रेश कुमार त्रिपाठी ने अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अपराध को भेजी रिपोर्ट में बताया कि आरोपियों ने कोडीनयुक्त कफ सिरप का अवैध कारोबार कर भारी मुनाफा कमाया है। इन्होंने आपराधिक साजिश के तहत कूटरचित दस्तावेजों से नशे के रूप में इनका खुले बाजार में क्रय-विक्रय किया। ऐसे में इनके खिलाफ स्वापक औषधि और मन प्रभावी पदार्थ अधिनियम के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।

हिमाचल प्रदेश की दो कंपनियों के सैंपल लिए
औषधि निरीक्षक रुदेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में पोंटा साहिब स्थित मैसर्स लेबोरेट फार्मास्युटिकल्स इंडिया लिमिटेड और सोलन स्थित मैसर्स एबोट हेल्थकेयर प्रा. लि. के एस्कूफ व न्यू फेंसेडिल कफ सिरप के सात सैंपल लिए गए हैं। इनकी जांच कराई जाएगी।

खोड़ा की बंद कंपनी ने वाराणसी से खरीदा सिरप
औषधि विभाग की टीम के मुताबिक, वाराणसी के औषधि निरीक्षक ने गत दिनों खोड़ा स्थित मैसर्स श्याम ड्रग एजेंसी की जांच करने की मांग की थी। जांच में पाया गया कि मैसर्स श्याम ड्रग एजेंसी के कूटरचित दस्तावेजों से वाराणसी के ओएमएचएस मेडिकेयर से मार्च 2025 से सितंबर 2025 तक 44 लाख कैप्सूल व 30 लाख टेबलेट विक्रय किए थे। दस्तावेजों में दिखाए गए पते पर न फर्म मिली और न ही उसका मालिक। इसमें औषधि निरीक्षक रुदेश कुमार त्रिपाठी की तरफ से मालिक शिव नारायण झा के खिलाफ खोड़ा थाने में तहरीर दी गई है।

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अपराध केशव चौधरी ने बताया कि औषधि विभाग की टीम ने कोडीनयुक्त सिरप मामले की जांच की है। आठ फर्मों को चार आरोपियों से कोडीनयुक्त सिरप, टेबलेट और कैप्सूल की आपूर्ति होना पाया गया है। जल्द ही आरोपियों के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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