ईद-उल-अजहा (बकरीद) 13 सितंबर को है। बाजारों में जहां बकरों की खरीद-फरोख्त तेज हो गई है वहीं, बकरों की सेहत का खास ख्याल रखा जा रहा है। ड्राई फ्रूट्स खिलाकर बकरों की सेहत बनाई जा रही है।
बता दें कि बकरीद पर सेहतमंद बकरों की कीमत आसमान छूती है। यही वजह की उनकी खातिरदारी में कोई कोताही नहीं बरती जा रही है। शहर के मोहल्ला कैला भट्टा में रोजाना बड़ी तादाद में बकरों की खरीद-फरोख्त हो रही है।
बकरों का कारोबार करने वाले सईद ने बताया कि कैला भट्टा में रामपुर, राजस्थान, बरेली और कानपुर आदि शहरों के लोग बकरे बेचने के लिए आ रहे हैं। जैसे-जैसे बकरीद नजदीक आ रही है बकरों की कीमत और मांग में इजाफा हो रहा है।
साधारण बकरे की कीमत भी 10 से 15 हजार रुपये हो गई है। कारोबारी जावेद ने बताया कि बकरे की खूबसूरती और वजन पर भी दाम निर्भर करता है। जैसे 60 किलो वजन के बकरे 30-35 हजार रुपये और 80 किलो वजन के बकरे की कीमत 45-50 हजार रुपये तक है।
कुर्बानी के लिए लाए गए ऊंटों को पुलिस ने कब्जे में लिया
खुशहाल पार्क कालोनी में कुर्बानी के लिए ऊंट लाए जाने की सूचना पर पुलिस ने छापामारी कर तीन ऊंटों को कब्जे में ले लिया। हालांकि पुलिस ने कुछ समय बाद हिदायत देकर ऊंटों को उनके मालिक के हवाले कर दिया।
पुलिस ने कालोनी निवासी एक व्यक्ति के घर से तीन ऊंटों को कब्जे में लिया। ट्रॉनिका सिटी एसओ ने बताया कि उत्तर प्रदेश में ऊंटों की कुर्बानी पर प्रतिबंध है। ऊंट की कुर्बानी देने पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, कुछ लोग शुक्रवार को डीएम गाजियाबाद से मिले और मामले को संज्ञान में लेते हुए उचित कदम उठाने की मांग की।