सोमवार रात करीब 10:35 बजे भूकंप के झटकों से हड़कंप मच गया। लोग घरों से बाहर निकल आए। हालांकि चंद सेकेंड बाद ही झटके बंद हो गए, लेकिन आधा घंटे तक सहमे रहे और दोबारा भूकंप आने के डर से घरों में दाखिल नहीं हुए।
नेहरूनगर, कविनगर, अशोकनगर, राजनगर, संजय नगर और शास्त्री नगर आदि क्षेत्रों में भूकंप के झटके लगते ही लोग सड़कों पर और पार्कों में पहुंच गए। एक-दूसरे को फोन कर भूकंप की जानकारी देने लगे। नेहरूनगर निवासी एसके जैन ने बताया कि जिस समय भूकंप आया वह सोने की तैयारी कर रहे थे, अचानक पंखे हिलने लगा तो उन्हें भूकंप का अहसास हुआ।
इसके बाद वह परिवार के साथ घर से बाहर निकल आए। पटेलनगर निवासी अंकित शर्मा ने बताया कि वह टीवी देख रहे थे, अचानक टीवी हिलने लगा तो उन्हें भूकंप का पता चला। वह टीवी बंद कर घर से बाहर भागे और आसपास के लोगों को भी बताया।
इसके अलावा टीएचए में हाईराइज्ड बिल्डिंगों में रहने वालों की भी सांसे अटक गईं। वैशाली, वसुंधरा, कौशांबी, इंदिरापुरम, शालीमार गार्डन, ब्रज विहार और साहिबाबाद आदि क्षेत्रों में सड़कों पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
वैशाली सेक्टर-4 निवासी उदिता ने बताया कि भूकंप के झटके लगे तो पांचवीं मंजिल स्थित अपने मकान से लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों से ही बच्चों को लेकर नीचे की तरफ दौड़ पड़ीं।
वसुंधरा ने निवासी प्रवीण ने बताया कि वह ऑफिस से लौटकर खाना खा रहे थे, अचानक उन्हें कुर्सी और गिलास हिलते महसूस हुए। इसके बाद वह खाना छोड़कर परिवार के साथ घर से बाहर पार्क में निकल गए।
हाईराइज्ड बिल्डिंगों में रहने वालों की अटकी सांसें
भूकंप के झटकों के बाद सबसे ज्यादा डरे हुए वे लोग थे जो हाईराइज्ड बिल्डिंगों में रहते हैं। इसके अलावा वैशाली के जर्जर फ्लैटों में रहने वाले भी घबराए हुए थे।