गाजियाबाद। वादकारियों और अधिवक्ताओं की सुविधा के उद्देश्य से कोर्ट परिसर में स्थापित किया गया ईसुविधा केंद्र डेढ़ वर्ष बाद भी शुरू नहीं हो सका है। इसका कारण बिजली का कनेक्शन नहीं मिल पाना है। हाईकोर्ट की निगरानी में तैयार यह केंद्र सभी जरूरी ढांचागत सुविधाओं से लैस है, लेकिन बिजली आपूर्ति न होने से इसका संचालन ठप पड़ा है। इससे न्यायिक कार्यों को डिजिटल माध्यम से जोड़ने की योजना फिलहाल अधूरी नजर आ रही है।
कोर्ट के एक अधिकारी ने बताया कि ईसुविधा केंद्र के लिए बनाए गए पोटा केबिन का निर्माण जिस कंपनी द्वारा किया गया है, उसी को बिजली कनेक्शन की व्यवस्था भी करनी है।
वहीं कंपनी के कर्मचारियों का कहना है कि कोर्ट प्रशासन बिजली का कनेक्शन उपलब्ध कराएगा। इस आपसी समन्वय की कमी के कारण मामला अटका हुआ है। अधिकारी के अनुसार इस संबंध में उच्च न्यायालय इलाहाबाद को पत्र भेजा गया है, वहां से निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। ई-सुविधा केंद्र का निर्माण मुंबई की एक विशेषज्ञ एजेंसी द्वारा किया गया है। इसके शुरू होने से वर्चुअल कोर्ट से जुड़ी जानकारी एक जगह मिल जाएंगी।