एक महीने की देरी से ही सही, नगर निगम ने बुधवार से शहर के बड़े नालों की सफाई शुरू कर दी। बुधवार को महामाया स्टेडियम के पास मशीनों के जरिए नाला सफाई की गई। महापौर अशु वर्मा और नगरायुक्त चंद्रप्रकाश सिंह भी बृहस्पतिवार को नाला सफाई का निरीक्षण करने सड़कों पर उतरे।
नगर निगम 54 बड़े नालों को ठेके पर साफ कराता है। 15 जून तक यह नाले साफ कराए जाने थे, लेकिन निगम के स्वास्थ्य विभाग की लेटलतीफी से इस बार टेंडर प्रक्रिया में ही मई महीना बीत गया। दो दिन पहले ही नगर निगम ने इन 54 नालों की सफाई के लिए कॉल किए गए टेंडर खोले हैं।
बृहस्पतिवार से नालों की सफाई का काम शुरू किया गया। तीन दिन पूर्व डीएम मिनिस्ती एस. ने भी नालों का निरीक्षण किया और सिल्ट मिलने पर नाराजगी जताई थी। इसके बाद नगर निगम ने नालों की सफाई का काम शुरू कराया।
620 छोटे नाले निगम के संसाधनों से होंगे साफ
शहर में कुल 684 छोटे-बड़े नाले हैं, इनमें से 64 बड़े नालों की सफाई नगर निगम ठेके पर कराएगा। इसके अलावा 620 छोटे और मध्यम दर्जे के नालों की सफाई निगम अपने संसाधनों से कराएगा।
81 नालों की सफाई जेसीबी से, 30 नालों की सफाई बड़ी पोकलेन और फासिंग मशीन से, 322 नाले मिनी पोकलेन मशीन से और 187 नालों की सफाई लेबर द्वारा कराई जाएगी।
खानापूर्ति हुई तो होगी कार्रवाई
नगरायुक्त चंद्रप्रकाश और महापौर अशु वर्मा ने बृहस्पतिवार को नाला सफाई का निरीक्षण किया। सुबह सात बजे ही वजह सड़कों पर सफाई का निरीक्षण करने निकल गए। उन्होंने निर्देश दिए कि नालों की सफाई में खानापूर्ति न की जाए।
नालों से निकली सिल्ट को सड़कों पर न छोड़ा जाए, उसे डंपिंग यार्ड पर पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि नाला सफाई में कोताही की तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।