वाहनों को ठेके पर दिए जाने के विरोध में हड़ताल कर धरना दे रहे निगम ड्राइवरों को मेयर-नगर आयुक्त और पार्षदों ने दौड़ा दिया। उन्होंने हड़ताली कर्मचारियों का लाउड स्पीकर फेंक दिया। उनका गुस्सा देख हड़ताली वाहन चालक दरी, चप्पल-जूते छोड़कर भाग खड़े हुए।
नगर आयुक्त ने वाहन चालक ों को निलंबित कर 17 कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। दरअसल, विवाद नगर निगम के नए वाहनों को ठेके पर देने को लेकर शुरू हुआ। नगर निगम ने अपने 10 टीपर ठेके पर चलवाने के लिए टेंडर जारी किया है।
निगम वाहन चालक संघ इसका विरोध कर अपने ड्राइवरों से वाहन चलवाने की मांग कर रहा था। 5 अक्तूबर को टेंडर डाले जाने थे। निगम वाहन चालकों ने टेंडर डलने का विरोध किया था। बृहस्पतिवार को चालकों ने वाहनों का चक्का जाम कर दिया।
उन्होंने नगर निगम के वाहनों में पंक्चर कर गैराज से नहीं निकलने दिया। आरोप है कि जो ड्राइवर वाहन चलाना चाहते थे, उनसे चाभी छीन ली गई। हड़ताली ड्राइवरों पर वाहनों में तोड़फोड़ करने का भी आरोप है। त्योहारी सीजन में वाहनों का चक्का जाम होने से कूड़ा नहीं उठ पाया।
महापौर ने दोपहर 12 बजे निगम अधिकारियों और पार्षदों की आपात बैठक बुलाई। बैठक में करीब 50 से ज्यादा पार्षद, नगर आयुक्त अब्दुल समद और अन्य अधिकारी शामिल हुए। हड़ताल को अवैध बताते हुए महापौर, पार्षदों और नगर आयुक्त ने हड़ताली कर्मचारियों को दौड़ा लिया।
ड्राइवर आगे-आगे और पार्षद व निगम अधिकारी पीछे-पीछे थे। गुस्साए पार्षदों ने निगम वाहन चालक यूनियन के कमरे से नेम प्लेट, बोर्ड बाहर फेंक कर तोड़ दिए। नगर आयुक्त ने कार्यालय खाली कराकर कमरा बंद करा दिया।
उन्होंने वाहन चालक यूनियन के अध्यक्ष और महामंत्री समेत पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया और 17 कर्मचारियों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा पहुंचाने, हंगामा करने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है।
यह कर्मचारी हुए निलंबित
सलीम अब्बासी (महामंत्री), अजीत सिंह (अध्यक्ष), संजय, सुरेंद्र शर्मा, सतवीर
इनके खिलाफ दी तहरीर
सलीम, संजय, अजीत सिंह, राजीव शर्मा, सुरेंद्र चौधरी, राजवीर , मनवीर, नरेंद्र, यशपाल, तेजवीर, नरेंद्र, धर्मेंद्र, रजनेश, दीपक , अनिल, अशोक, सुरेंद्र शर्मा
ऐसी उम्मीद नहीं थी कि इतने बड़े संवैधानिक पद पर बैठे महापौर-नगर आयुक्त ऐसा हुड़दंग करा सकते हैं। निगम से इंसानियत खत्म हो गई है। हिटलर शाही लागू हो गई है। शांतिपूर्ण धरना देने के बावजूद पार्षदों-मेयर व नगर आयुक्त ने उन पर लाठियां बरसाईं। - सलीम अब्बासी, महामंत्री, निगम वाहन चालक संघ
किसी को भी निगम की व्यवस्था हाईजैक करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। कुछ लोगों ने पूरे शहर की कूड़ा लिफ्टिंग व्यवस्था ठप कर वाहनों में तोड़फोड़ की। अधिकारियों से अभद्रता की। पांच कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। कई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। - अब्दुल समद, नगर आयुक्त
40 लोगों के हाथों शहर के 20 लाख लोगों को बंधक नहीं बनने दिया जा सकता। हमने पहले ही कहा था कि किसी भी ड्राइवर को नौकरी से नहीं निकाला जाएगा, शहर की बेहतर सफाई व्यवस्था के लिए सिर्फ 10 वाहन ठेके पर दिए जा रहे हैं। कुछ लोगों ने न सिर्फ अभद्रता की, बल्कि नवरात्र, दशहरे जैसे पर्व के बावजूद शहर की सफाई व्यवस्था ठप करने की कोशिश की। इनसे सख्ती से निपटा जाएगा। - अशु वर्मा, महापौर