गाजियाबाद। गर्मी के इस सीजन में लोगों को पानी के संकट से ज्यादा जूझना पड़ेगा। नगर निगम कार्यकारिणी समिति ने शहर में नए हैंडपंप लगाने पर रोक लगा दी है। जबकि पुराने हैंडंपंप में से करीब 700 हैंडपंप खराब हैं। निगम का जलकल विभाग पहले इन खराब हैंडपंप को रीबोर कराएगा, इसके बाद नए हैंडपंप लगाने पर विचार होगा।
मार्च महीने में हुई निगम की कार्यकारिणी समिति में पार्षदों ने हैंडपंप लगाने का मुद्दा उठाया, लेकिन अधिकांश पार्षदों ने नए हैंडपंप लगाने से पहले पुरानों को दुरुस्त कराने का सुझाव दिया।
दरअसल, कार्यकारिणी समिति के सदस्यों का कहना था कि नए हैंडपंप लगाने के चक्कर में पुराने हैंडपंप के रिबोरिंग का काम रुक जाता है। उनका मकसद भले ही निगम के संसाधनों का 100 फीसदी प्रयोग करना हो, लेकिन इसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ सकता है।
अभी पुराने हैंडपंप रीबोरिंग का काम तो शुरू नहीं हुआ, बल्कि नए पर रोक लगा दी गई। ऐसे में माना जा रहा है कि निगम की यह प्लानिंग गर्मी के इस सीजन में लोगों पर भारी पड़ेगी। कार्यकारिणी समिति की इस रोक के बाद पार्षदों के नए हैंडपंप लगवाने के प्रस्ताव भी फाइलों में दबे रह गए।
शहर में खराब हैंडपंप
जोन खराब हैंडपंप
सिटी जोन-1 32
सिटी जोन-2 160
सिटी जोन-3 42
विजयनगर जोन 182
कविनगर 118
मोहन नगर 152
वसुंधरा 80
कार्यकारिणी समिति के निर्णय के मुताबिक फिलहाल नए हैंडपंप लगाए जाने पर रोक लगा दी गई है। पहले खराब हैंडपंप को रीबोर कराया जाएगा। रीबोरिंग का काम शुरू करा दिया गया है। दो महीने में करीब 75 हैंडपंप रीबोर कराए जा चुके हैं। - मंजू रानी गुप्ता, जीएम, जलकल