गाजियाबाद। डूंडाहेड़ा अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अतुल आनंद को शासन ने पद से हटा दिया है। उनके खिलाफ लगातार सामने आ रही शिकायतों के बीच शासन ने अधीक्षक पद की जिम्मेदारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सौंपने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, विभाग को अभी शासन का लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। सीएमओ ने शासन से मिले निर्देश की पुष्टि की है। अधीक्षक पद से हटने के बाद डॉ. अतुल आनंद अस्पताल में चिकित्सक के तौर पर मरीजों का इलाज करते रहेंगे।
डॉ. अतुल आनंद के खिलाफ चिकित्सकों की सेवा पुस्तिका में दर्ज होने वाली वार्षिक गोपनीय आख्या (एसीआर) बेहतर करने के बदले रुपये लेने का आरोप कुछ समय पहले लगाया गया था। इस संबंध में एक सांसद ने शासन में शिकायत की थी। शासन ने मामले की जांच मेरठ मंडल के अपर निदेशक को सौंपी थी।
इसी बीच डॉ. अतुल आनंद के सोशल मीडिया खातों को लेकर भी शिकायत सामने आई। भाजयुमो नेता अनुज शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र भेजकर उनके निलंबन की मांग की। पत्र में आरोप लगाया गया कि उनके फेसबुक खाते से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा कार्यकर्ताओं के संबंध में कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। पत्र में सनातन धर्म और ब्राह्मण समाज को लेकर भी कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी किए जाने का दावा किया गया है।
अब एसीआर विवाद में डॉ. अतुल आनंद को शासन की ओर से अधीक्षक पद से हटाने की कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है। सीएमओ डॉ. सचिन चंद्र वैश्य ने बताया कि शासन से उन्हें डूंडाहेड़ा अस्पताल के अधीक्षक का अतिरिक्त चार्ज लेने के लिए कहा गया है। अभी इसका लिखित आदेश आना बाकी है। डॉ. अतुल आनंद अस्पताल में मरीजों को चिकित्सकीय सेवाएं देते रहेंगे।