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पैरेंट्स पर दोहरी मार, एनसीईआरटी संग दूसरी किताबें भी लगा रहे स्कूल

Wed, 29 Mar 2017 12:37 AM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
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‌‌किताबें - फोटो : file photo
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सीबीएसई द्वारा स्कूलों में एनसीईआरटी का सिलेबस लागू करने का आदेश अभिभावकों के लिए राहत की जगह आफत का सबब बन गया है। कुछ स्कूल एनसीईआरटी के साथ ही अपने द्वारा छपवाई गई प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें अभिभावकों को बेच रहे हैं।
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इससे अभिभावकों की जेब पर दोहरी मार पड़ने के साथ बच्चे पर भी दोहरी पढ़ाई का बोझ पड़ रहा है।ऑल इंडिया पैरेंट्स एसोसिएशन ने पब्लिक स्कूलों द्वारा प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें थोपने लगाने का आरोप लगाया है। पब्लिक स्कूलों की मनमानी के विरोध में पैरेंट्स एसोसिएशन ने सीबीएसई निदेशक को लिखित शिकायत की है।

शिकायत के साथ ही एसोसिएशन ने यह मांग की है कि 3 अप्रैल तक सीबीएसई अपने द्वारा दिए गए आदेश को पब्लिक स्कूलों में लागू कराए। साथ ही जनपद स्तर पर एक ऐसा अधिकारी तैनात किया जाए, जिससे पैरेंट्स अपनी शिकायत कर सकें।
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एसोसिएशन अध्यक्ष शिवानी जैन ने सीबीएसई निदेशक को स्पष्ट रूप से कहा है कि 5 अप्रैल तक भी यदि अभिभावकों की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो 6 अप्रैल से गाजियाबाद के अभिभावक सीबीएसई कार्यालय के बाहर धरना देंगे। ऐसोसिएशन के  उपाध्यक्ष सचिन सोनी ने बताया कि स्कूल लगातार मनमानी कर रहे हैं।

23 फरवरी को ही सीबीएसई ने स्कूलों में कक्षा एक से 12 तक केवल एनसीईआरटी किताबें पढ़ाने की गाइडलाइन जारी की थी। बावजूद इसके बहुत से स्कूलों ने तो एनसीईआरटी की किताबें लगाई ही नहीं।

वहीं, कुछ स्कूल तो ऐसे हैं जो एनसीईआरटी के साथ ही अपने द्वारा छपवाई गई प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें अभिभावकों को बेच रहे हैं। इससे अभिभावकों की जेब पर दोहरी मार पड़ने के साथ बच्चे पर भी दोहरी पढ़ाई का बोझ पड़ रहा है। उनका कहना है कि एसोसिएशन किसी भी सूरत में यह होने नहीं देगा।
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शिक्षा विभाग के नोटिस को फॉलो नहीं करा पाए अधिकारी
गाजियाबाद। पब्लिक स्कूलों की मनमानी केवल किताबों लागू कराने में ही नहीं बल्कि फीस वसूलने में भी चल रही है। शिक्षा निदेशक द्वारा जारी गाइडलाइन के मुताबिक पब्लिक स्कूल कॉशन मनी और एनुअल चार्ज नहीं वसूल सकेंगे।

स्कूलों की इस मनमानी पर स्थानीय प्रशासन द्वारा लगाम लगाया जाना था। डीएम और डीआईओएस के माध्यम से स्कूलों को सर्कुलर भी जारी हुआ लेकिन स्कूल संचालक अधिकारियों को अंगूठा दिखाते हुए अपने ही मर्जी से फीस वसूल रहे हैं।
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