इंदिरापुरम की आदित्य मेगा सिटी सोसायटी में कुत्तों के आतंक से परेशान रेजिडेंट्स ने शनिवार को नगर निगम का घेराव किया। उन्होंने महापौर को ज्ञापन सौंप आक्रामक हो रहे कुत्तों को हटाने की मांग की।
महापौर के बुलाने पर पहुंचे नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन की बाध्यता बताई तो रेजिडेंट्स भड़क गए। उन्होंने नगर स्वास्थ्य अधिकारी से अभद्रता की।
आदित्य मेगा सिटी सोसायटी में कुत्तों के आतंक की शिकायत रेजिडेंट्स कई महीने से कर रहे हैं। आक्रामक हो चुके कुत्ते सोसायटी के कई लोगों को काट चुके हैं। शुक्रवार को कुत्तों ने एक बच्ची को काट लिया था। बीते दिनों रेजिडेंट्स ने कुत्तों को हटाने की मांग को लेकर इंदिरापुरम में कैंडल मार्च भी निकाला था।
आरोप है कि पशु प्रेमी संस्था की महिला पदाधिकारी इन आक्रामक कुत्तों को हटाने नहीं दे रही हैं। शनिवार को कालोनी के लोग दोबारा नगर निगम पहुंचे और मेयर अशु वर्मा को ज्ञापन दिया।
आदित्य मेगा सिटी निवासी प्रियंका राणा ने बताया कि सोसायटी में कुत्ते आए दिन लोगों पर अटैक कर रहे हैं। महापौर अशु वर्मा ने 10 दिन में कुत्तों को हटाने के लिए कहा था, लेकिन 40 दिन बाद भी नहीं हटाया गया।
महापौर ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.आरके यादव को बुलाया और समस्या हल कराने के निर्देश दिए। इस पर डॉ. यादव ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के मुताबिक कुत्तों को री लोकेट नहीं किया जा सकता।
उनकी नसबंदी की जा सकती है। इस पर रेजिडेंट्स भड़क गए। कुछ लोगों ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी से महापौर के सामने ही अभद्रता शुरू कर दी और सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन का बहाना बनाने का आरोप लगाया।
महापौर ने मामला शांत कराया और रेजिडेंट्स को कुत्तों को हटवाने का आश्वासन दिया। इस दौरान रेजिडेंट्स त्रिलोक चंद अग्रवाल, राम सिंह, राकेश सिंह, राजीव, अमरेंद्र प्रताप सिंह, अमृतलाल, ओपी गुप्ता, वेद प्रकाश गुप्ता, वंदना, प्रमोद मौजूद रहे।
कागजों में हो रही कुत्तों की नसबंदी
नगर निगम ने कुत्तों की नसबंदी की जिम्मेदारी एक संस्था को दी हुई है। संस्था को काम करते हुए पांच साल से भी ज्यादा हो गए, लेकिन अभी तक एक जोन में भी सभी कुत्तों की नसबंदी नहीं हो पाई। पार्षदों का भी आरोप है कि नसबंदी का काम सिर्फ फाइलों में किया जा रहा है।
नगर निगम बिना सत्यापन के संस्था को भुगतान कर रहा है। पार्षदों का कहना है कि शास्त्री नगर, नेहरू नगर, कविनगर, राजेंद्र नगर, शालीमार गार्डन समेत एक भी कालोनी ऐसी नहीं है, जहां लोग कुत्तों के आतंक से परेशान न हों।
उन्होंने महापौर से संस्था का अनुबंध निरस्त कर किसी अन्य संस्था को कांट्रेक्ट देने की मांग की। उधर, महापौर ने निगम अधिकारियों को इस संस्था को नोटिस जारी कर जवाब तलब करने के निर्देश दिए हैं।
कुत्तों की नसबंदी के लिए शहर में नए सिरे से कांट्रेक्ट दिए जाएंगे। इस बार टीएचए और सीएचए के लिए अलग-अलग संस्था को कांट्रेक्ट दिए जाएंगे। शहर भर से कुत्तों के आतंक की शिकायत मिल रही है। पहले से काम कर रही संस्था के काम की समीक्षा की जाएगी। - अशु वर्मा, महापौर