संयुक्त जिला अस्पताल में छह साल पहले बने ट्र्रॉमा सेंटर के शुरू करने की सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। बगैर डॉक्टरों की नियुक्ति और कुछ मशीनों के बूते 19 अप्रैल को ट्रॉमा सेंटर का उद्घाटन होगा। ट्रॉमा सेंटर का उद्घाटन संचारी रोग के निदेशक एसएन मित्रा करेंगे। वहीं, वह संक्रामक रोग विभाग का निरीक्षण भी करेंगे।
एनसीआर में होने के बावजूद महानगर में अभी तक ट्रॉमा सेंटर की सुविधा नहीं है। अधिकतर गंभीर मरीजों को दिल्ली रेफर किया जाता है। संयुक्त जिला अस्पताल में छह साल पहले 65 लाख से बने इस ट्रॉमा सेंटर में स्टाफ और आधुनिक उपकरण न होने के कारण इसको सामान्य इमरजेंसी के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।
अभी भी न नए स्टाफ की नियुक्ति हुई है न ही एक भी उपकरण आए हैं लेकिन शासन द्वारा ट्रॉमा सेंटर को शुरू करने के आदेश आ गए हैं। सीएमएस डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार ट्रॉमा सेंटर को जो उपलब्ध स्टाफ हैं उसी के सहारे शुरू करना है।
उपकरण भी आने वाले थे लेकिन अभी तक पहुंच नहीं पाए हैं जल्द ही उपकरण के पहुंचने की संभावना है। हालांकि स्थानीय स्तर पर ऑन कॉल चिकित्सकों के सहयोग से ट्रॉमा सेंटर शुरू किया जाएगा।
क्या है ट्रॉमा सेंटर की जरूरत
- न्यूरो सर्जन
- कार्डियोलॉजिस्ट
- जनरल सर्जन
- ऑर्थोपेडिक
- वेंटिलेटर
- अल्ट्रासाउंड मशीन
- इसीजी मशीन
- डिजिटल एक्स-रे