मुरादनगर। पित्त की थैली के ऑपरेशन के बाद एक युवक की हालत बिगड़ने से मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन व डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है। चेतावनी दी है कि अस्पताल और डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो परिवार आत्मदाह करेगा। डीएम, सीएमओ, कमिश्नर से इसकी शिकायत की है।
आदर्श कॉलोनी निवासी शौकीन ने बताया कि मेरा बेटा फिरोज (33) एक इंटरनेशनल एक्सपोर्टर कंपनी में प्रबंधक था। फिरोज के पित्त की थैली में पथरी थी। मोदीनगर हापुड़ रोड स्थित एक निजी अस्पताल में फिरोज को भर्ती कराया था। आरोप है कि 5 मार्च को डॉक्टरों ने बिना किसी जांच व अल्ट्रासाउंड, सिटी स्कैन के पूर्व में कराई गई जांच के आधार पर ही फिरोज की पित्त की थैली का ऑपरेशन कर दिया।
ऑपरेशन के बाद फिरोज की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। उसे पहले गाजियाबाद फिर दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। 7 अप्रैल को फिरोज की मृत्यु हो गई। शौकीन का कहना है कि अस्पतालों के चिकित्सकों ने उन्हें बताया है कि ऑपरेशन के दौरान लापरवाही के कारण फिरोज की हालत बिगड़ी।
आरोप है कि लगातार शिकायत के बाद भी डॉक्टर व अस्पताल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो मृतक की गर्भवती पत्नी समेत परिवार के सभी लोग आत्मदाह कर लेंगे। इसकी जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारियों की होगी।