गाजियाबाद। लखनऊ से लौटे अभिभावक सोमवार को डीएम से मिलने पहुंचे, लेकिन डीएम ने परेशान अभिभावकों की समस्या का निदान करने के बजाए उन्हीं से पूछा लिया कि आप ही बताइए कि किस एक्ट में स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करें।
इस बात पर जब अभिभावकों ने नाराजगी जाहिर की तो डीएम ने बात करने से इंकार कर दिया। अभिभावकों को केबिन से बाहर निकालने के लिए कविनगर पुलिस को बुलाया और अभिभावकों को बाहर किया गया।
डीएम के इस रवैये से नाराज अभिभावकों ने जिला मुख्यालय के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। अभिभावकों ने जमकर हंगामा किया। हंगामा शांत करने के लिए कविनगर पुलिस के साथ ही महिला थाने से भी फोर्स बुलाई गई।
अभिभावकों का आरोप है कि वे डीएम से यह जानकारी लेने पहुंचे थे कि विशेष सचिव के निर्देश पर उन्होंने क्या कार्रवाई की। नोएडा डीएम की तरह स्कूलों को कोई सर्कुलर जारी किया गया है या नहीं।
दरअसल, 23 अप्रैल को नोएडा के डीएम ने सीबीएसई और आईसीएसई स्कूलों में लिए जाने वाले शुल्क पर पारदर्शिता बनाने के लिए टीम गठित करने के आदेश जारी किए हैं। गाजियाबाद के अभिभावक सोमवार को डीएम निधि केसरवानी से यही पूछने गए थे कि वे भी इस तरह कोई नोटिस जारी कर रही हैं या नहीं।
अभिभावकों का कहना है कि जब वे डीएम से मिलने पहुंचे तो पहली बार में डीएम ने सभी से मिलने से इंकार कर दिया। डीएम के इंकार के बाद अभिभावक उनके ऑफिस के बाहर ही खड़े रहे। बहुत देर बाद अभिभावकों को डीएम ने मिलने के लिए बुलाया लेकिन अभिभावकों ने जब कार्रवाई की बात की तो, डीएम बिफर पड़ीं।
पैरेंट्स के विरोध पर डीएम ने कविनगर इंस्पेक्टर हेमंत राय और महिला पुलिस को बुलाकर अभिभावकों को बाहर किया। अभिभावकों का कहना है कि जिला प्रशासन इस तरह नकारात्मक तरीके से अभिभावकों से मिलेगा तो समाधान कैसे निकलेगा। जो स्कूल अभिभावकों का शोषण कर रहे हैं, उनसे तो अधिकारी केबिन में बुलाकर बात करते हैं, जबकि पीड़ित अभिभावकों से ठीक से बात नहीं कर आंदोलन को भटकाने का प्रयास किया जा रहा है।
अब 26 अप्रैल को दुबारा होगी पैरेंट्स के साथ बैठक
अभिभावकों की नाराजगी और प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन ने उन्हें 26 अप्रैल को दुबारा बैठक में बुलाया है। बता दें कि इससे पूर्व 18 अप्रैल को अभिभावक और स्कूल प्रबंधन के बीच एडीएम फाइनेंस ने बैठक ली थी। अब दुबारा से 26 अप्रैल को यही बैठक आयोजित की है, और अंतिम फैसला बैठक में करने की बात कही।