दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर दोपहिया वाहन ट्रैफिक पुलिस कर्मचारियों की संख्या कम होने के कारण नहीं रुक पा रहे हैं। एक्सप्रेसवे पर अब दोपहिया और तिपहिया वाहन चालकों से 20 हजार रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। प्रतिबंधित वाहनों के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत शुक्रवार को ट्रैफिक पुलिस ने 40 चालान किए थे। इसके साथ ही एनएचएआई और ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों ने हादसे रोकने के लिए यह अभियान चलाने के साथ ही यह जुर्माना वसूलने का भी निर्णय लिया है।
शनिवार को टैफिक पुलिस के टीएसआई निमेष कुमार का कहना है कि अभी तो चालान काटने के साथ ही वाहन चालकों को जागरूक किया जा रहा है ताकि वह जुर्माना और अन्य कार्रवाई से बच सकें, लेकिन अब नहीं माने तो 20 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। पाथ इंडिया के सीनियर मैनेजर रविंद्र कुमार का कहना है कि ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की संख्या काफी कम होने के कारण आए दिन दोपहिया और तिपहिया चालक अभद्रता और विवाद करते हैं। काशी टोल प्लाजा के दोनो ओर टैफिक पुलिसकर्मी अगर तैनात हो जाएं तो प्रतिबंधित वाहनों के आवाजाही पर रोक लग सकती है।
217 वाहनों के चालान काटे, 10 सीज किए
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर दोपहिया वाहनों की वजह से लगातार हो रहे हादसों के बाद पुलिस ने एक्सप्रेसवे पर प्रतिबंधित वाहनों के खिलाफ अभियान शुरू किया है। दूसरे दिन शनिवार को पुलिस ने 217 वाहनों के 20-20 हजार चालान काटे और 10 वाहनों को सीज किया है।
दिल्ली और मेरठ से ही दोपहिया वाहन एक्सप्रेसवे पर चढ़ रहे हैं और बीच वाली लेन में चलने लगते हैं। इस कारण 100-120 प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रहे चार पहिया वाहनों के लिए बाधा बन जाते हैं। इस साल अब तक सड़क हादसों में 172 लोगों की जान गई है। पुलिस का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर साइन बोर्ड लगे होने के बावजूद लोग जागरूक नहीं हो रहे हैं और नियमों को तोड़ रहे हैं। एसपी ट्रैफिक रामानंद कुशवाहा ने बताया कि एक्सप्रेस वे पर सख्ती बढ़ा दी गई है। अब लगातार कार्रवाई की जाएगी।