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जहरखुरानी गिरोह का पर्दाफाश: सवारी बनकर ई-रिक्शा लूटने वाले छह गिरफ्तार, 300 सौ रुपये भाड़े पर चलवाते थे

Sun, 07 Aug 2022 12:58 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद

सार

गिरोह के सदस्य नई ई-रिक्शा खरीदने वाले को निशाना बनाते हैं। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह नई ई-रिक्शा को इसीलिए लूटते थे क्योंकि उसका पंजीकरण नंबर नहीं आता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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सिहानी गेट पुलिस ने जहरखुरानी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो दिल्ली-एनसीआर में सवारी बनकर ई-रिक्शा में बैठते हैं और विश्वास में लेकर कोल्ड ड्रिंक व लड्डू में नशे का पदार्थ देकर ई-रिक्शा लूट लेते हैं। लूट के बाद ई-रिक्शा चालक को सुनसान इलाके में फेंककर फरार हो जाते हैं। पुलिस लूट की ई-रिक्शा खरीदने वाले तीन सदस्य और गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जो दिल्ली एनसीआर समेत आसपास के जिलों में 200 ई-रिक्शा लूट चुके हैं। पुलिस ने इनके पास 15 ई-रिक्शा बरामद किया है। गिरोह का सरगना समेत चार आरोपी फरार हैं।

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एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि मुरादाबाद के बिलारी निवासी नफीस, मो. गुलफाम, सफीक, मो. अहसान, मो साजिद और मो. आसिफ को गिरफ्तार किया है, जबकि संभल के नूरियो सराय कस्बा निवासी अकबर, दिल्ली के न्यू सीलमपुर निवासी मो. शफीक, मुरादाबाद के बिलारी निवासी रिजवान और जाकिर को फरार हैं। गिरोह का सरगना मो. शफीक है। उन्होंने बताया कि गिरोह के लोग ई-रिक्शा लूटकर मुरादाबाद के बिलारी में ले जाते हैं। वहां इन्होंने एक गोदाम किराये पर ले रखा है, जहां से वह ई-रिक्शा को बेचने का काम करते हैं और भाड़े पर चलवाते हैं।

50 से 55 हजार रुपये में बेचते हैं
सिहानी गेट थाना प्रभारी नरेश कुमार शर्मा ने बताया कि रिजवान और जाकिर ने बिलारी में गोदाम किराये पर ले रखा है। अकबर और रिजवान ई-रिक्शा बेचने के लिए ग्राहकों की तलाश करते हैं। सही दाम देने वाले को वह चोरी की ई-रिक्शा बेच देते हैं। ई-रिक्शा खरीदने वाले अगर कागज मांगता था तो उसे लोकल होने का हवाला देकर बेच देते हैं।
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नई ई-रिक्शा को बनाते हैं निशाना
गिरोह के सदस्य नई ई-रिक्शा खरीदने वाले को निशाना बनाते हैं। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह नई ई-रिक्शा को इसीलिए लूटते थे क्योंकि उसका पंजीकरण नंबर नहीं आता है। ई-रिक्शा को वह मुरादाबाद ले जाते हैं।

तीन सौ रुपये भाड़े पर भी चलवाते थे
ई-रिक्शा खरीदने का ग्राहक नहीं मिलने तक वह ई-रिक्शा को प्रतिदिन का किराया लेकर भाड़े पर चलवाते हैं। रिजवान और जाकिर ने गोदाम में ही ई-रिक्शा की बैटरी की चार्ज करने के लिए चार्जिंग प्वाइंट की भी व्यवस्था की हुई है। यह दो सौ से तीन सौ रुपये का भाड़ा लेकर किराये पर चलवाते हैं।

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