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Ghaziabad News: सवा साल बीते नहीं आई डीएनए रिपोर्ट, एक आरोपी जेल से छूटा

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गाजियाबाद। 2022 में हुए पीएचडी के छात्र अंकित खोखर हत्या के मामले में सवा साल बीत जाने के बाद भी पुलिस को अभी तक डीएनए रिपोर्ट नहीं मिली है। पुलिस ने भी डीएनए रिपोर्ट मंगवाने के लिए कोई खास प्रयास नहीं किया। ऐसे में मामला कोर्ट में आगे नहीं बढ़ पा रहा है और अधर में लटक गया है। वहीं, हत्या के आरोपियों में से एक आरोपी प्रवेश जेल से जमानत पर बाहर भी आ गया। आरोपी उमेश शर्मा ने एक करोड़ रुपये हड़पने के लिए अंकित की हत्या कर उसके शव के चार टुकड़े करके गंगनहर में अलग-अलग क्षेत्र में बहा दिए थे।
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मूलरूप से बागपत के छपरौली थाना स्थित गांव मुकंदपुर निवासी अंकित खोखर पीएचडी छात्र था। अंकित के अलावा परिवार में अन्य कोई संतान नहीं थी। माता पिता की मौत के बाद अविवाहित अंकित परिवार में अकेला सदस्य था। वह काफी समय से मोदीनगर की देवेंद्रपुरी कॉलोनी के रहने वाले उमेश शर्मा के राधा एंक्लेव स्थित दूसरे मकान में किराये पर रहता था। अंकित ने उमेश की पत्नी को मुंह बोली बहन बनाया हुआ था। अंकित ने 2022 में एक करोड़ रुपये से अधिक की अपनी पुश्तैनी संपत्ति बेची थी। उमेश शर्मा ने एक करोड़ हड़पने के लालच में बीते छह अक्तूबर 2022 को गला दबाकर अंकित की हत्या कर दी थी।
अंकित के दोस्तों ने 12 दिसंबर को उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जिसके बाद पुलिस ने उमेश शर्मा को गिरफ्तार कर अंकित हत्याकांड का खुलासा कर दिया था। उमेश शर्मा से पूछताछ में सामने आया था कि उसने अंकित की हत्या करने के बाद आरी से शव के चार टुकड़े कर गंगनहर में बहा दिया था। पुलिस काफी प्रयास के बाद भी शव बरामद करने में नाकाम रही थी। पुलिस ने हत्यारोपियों की निशानदेही पर मृतक अंकित का लैपटॉप और अन्य सामान बरामद किया था। मगर शव खोजने में विफल रही थी। मामले में पुलिस ने अंकित के चाचा और बुआ का डीएनए सैंपल मिलान के लिए एफएसएल भेजा था।
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उमेश भी जेल से बाहर आने का कर चुका है प्रयास
पुलिस की जांच में सामने आया था कि प्रवेश ने अंकित के शव को ठिकाने लगवाने में मदद की थी। इसमें उसने प्रवेश की कार का भी इस्तेमाल किया था। मामले में प्रवेश को जमानत मिल गई। उसके बाहर आने के बाद उमेश भी कई बार जेल से बाहर आने के लिए प्रयास कर चुका है।


एसीपी मोदीनगर ज्ञानप्रकाश राय ने बताया कि मामले में डीएनए रिपोर्ट को ट्रेस करने के लिए एफएसएल के अधिकारियों को पत्राचार किया जाएगा। जल्द से जल्द रिपोर्ट मंगवाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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