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Ghaziabad News: डीएम-एसपी के आदेश बेअसर, स्नान करने वालों की सुरक्षा पर सवाल

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ब्रजघाट गंगा में कम गहरे जल में लगी जेटी बैरिकेडिंग को पार कर स्नान करते श्रद्धालु। संवाद
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गढ़मुक्तेश्वर। गंगा घाटों पर लगातार हो रही डूबने की घटनाओं के बावजूद प्रशासनिक लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार को ही डीएम कविता मीना और एसपी ज्ञानंजय सिंह ने गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के सख्त निर्देश दिए थे, लेकिन हकीकत यह है कि अगले ही दिन इन आदेशों की पोल खुल गई। घाटों पर न पर्याप्त पुलिस बल दिखाई दिया और न ही सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित हो सकी। श्रद्धालु खुलेआम बैरिकेडिंग पार कर गहरे पानी तक पहुंचते रहे, जबकि जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने रहे।
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गंगा स्नान के दौरान लगातार हादसों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। एक सप्ताह पहले मेरठ निवासी युवक की गंगा में डूबने से मौत हो चुकी है। बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। शुक्रवार को भी चार युवक गहरे पानी में फंस गए थे, जिन्हें स्थानीय गोताखोरों और नाविकों ने किसी तरह बाहर निकाला। समय रहते मदद नहीं मिलती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। इन घटनाओं के बाद भी घाटों पर सुरक्षा के नाम पर केवल खानापूर्ति नजर आ रही है।

शुक्रवार को डीएम और एसपी ने एसडीएम, सीओ, पालिका ईओ और कोतवाल को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि गंगा घाटों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए, खतरनाक क्षेत्रों में मजबूत बैरिकेडिंग कराई जाए और लगातार निगरानी रखी जाए। लेकिन, शनिवार को भी अधिकांश घाटों पर स्थिति जस की तस दिखाई दी। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग टूटी मिली, जबकि श्रद्धालु चेतावनी बोर्डों की अनदेखी करते हुए तेज बहाव वाले हिस्सों में स्नान करते रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बार हादसे के बाद प्रशासन कुछ दिन सक्रियता दिखाता है, लेकिन फिर सब पुराने ढर्रे पर लौट आता है।
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स्थानीय लोगों ने मांग की है कि घाटों पर गोताखोरों की संख्या बढ़ाई जाए और खतरनाक क्षेत्रों में श्रद्धालुओं का प्रवेश सख्ती से रोका जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में और बड़े हादसे हो सकते हैं।

आदेशों के बाद भी नहीं दिखी सख्ती

डीएम और एसपी के निर्देशों के बावजूद शनिवार को घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था कमजोर मिली। बैरिकेडिंग पार कर लोग गहरे पानी तक पहुंचे। लेकिन रोकने वाला कोई जिम्मेदार कर्मचारी मौके पर नजर नहीं आया।

चार युवकों की जान पर बन आई

शुक्रवार को गंगा में नहाने गए चार युवक तेज बहाव में फंस गए थे। स्थानीय नाविकों और गोताखोरों ने समय रहते उन्हें बाहर निकाला, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।

करोड़ों की बैरिकेडिंग व्यर्थ

गंगा घाट पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा में करोड़ों रुपये की जेटी बैरिकेडिंग लगाई गई है। लेकिन उसका धरातल पर लाभ नहीं मिल पा रहा। लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं।
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बोलेे अधिकारी

पालिका और पुलिस को बैरिकेडिंग की व्यवस्था दुरुस्त करने और नाविकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। श्रीराम यादव, एसडीएम
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