शुक्रवार को विकास कार्यक्रमों की मासिक समीक्षा बैठक में पहुंचे रामगंगा परियोजना के अवर अभियंता को डीएम निधि केसरवानी ने भगा दिया। दरअसल डीएम की अध्यक्षता वाली इस बैठक में रामगंगा परियोजना के सहायक अभियंता को नामित किया गया था, मगर वह नहीं आए।
उन्होंने अपने स्थान पर अवर अभियंता को भेज दिया था। डीएम ने अनुपस्थित रहे सहायक अभियंता का एक दिन का वेतन काटे जाने का आदेश दिया है। डीएम ने बैठक में समस्त अधिकारियों को चेतावनी के लहजे में कहा कि उनकी बैठक में जिला स्तरीय अधिकारी ही भाग लेंगे, अगर वे किसी अन्य आवश्यक कार्य से बाहर गए हों तो अपने अधीनस्थ अधिकारी के भाग लेने के लिए उनसे पूर्व में ही लिखित अनुमोदन लेना होगा।
बैठक में डीएम ने एक-एक करके समस्त विभागों के प्रगति कार्यो की समीक्षा की। उन्होंने महारानी लक्ष्मीबाई योजना, जननी सुरक्षा योजना और स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए सीएमओ और जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिया कि आपस में विभागीय समन्वय बनाकर कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों के प्रतिरक्षण, विटामिन-सी का वितरण और उनका वेट लेने का निर्देश दिया।
डीएम ने कहा कि जनपद के 35 जिला स्तरीय अधिकारियों ने जिन 35 गांव को गोद लिया है, वहां सप्ताह में एक बार पूरे दिन रहे, और समस्त सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का भौतिक सत्यापन कर मुख्य विकास अधिकारी को रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने जिला पंचायत अधिकारी को निर्देश दिया कि वे नियमित प्रयास करें कि जनपद का कोई भी घर ऐसा न बचे जहां शौचालय न बना हो।
बैठक का संचालन सीडीओ कृष्णा करुणेश ने किया। बैठक में सीएमओ डा. अजेय अग्रवाल, उप निदेशक नवलकांत अधिकारी परियोजना निदेशक शशिकान्त त्रिपाठी, जिला विकास अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षाधिकारी, एआरटीओ विश्वजीत सिंह समेत कई अधिकारी उपस्थित रहे।